राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सीबीआई ने 1.5 करोड़ रुपये की घूसखोरी के मामले में झांसी के सीजीएसटी कार्यालय में तैनात रही डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी सहित अन्य आरोपितों से पूछताछ की। करीब आठ घंटे की पूछताछ में डिप्टी कमिश्नर खुद को निर्दोष बताती रहीं।
वहीं, दो अन्य आरोपितों से भी सीबीआई अधिकारियों ने पूछताछ की, लेकिन उन्होंने मुंह नहीं खोला। डिप्टी कमिश्नर को सीबीआई की विशेष अदालत ने एक दिन के कस्टडी रिमांड पर सीबीआई को सौंपा था, जबकि दो अन्य आरोपितों का तीन दिन का रिमांड है।
सीबीआई ने घूसखोरी के आरोप में पिछली 31 दिसंबर को झांसी में छापेमारी कर डिप्टी कमिश्नर सहित जीसीएसटी के दो कर्मचारियों तथा एक वकील सहित दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके ठिकानों से 70 लाख रुपये के अलावा संपत्तियों के दस्तावेज और ज्वैलरी बरामद हुई थी।
सीबीआई की टीम बुधवार को तीनों आरोपितों को पूछताछ के लिए जेल से अपने कार्यालय लाई थी। डिप्टी कमिश्नर ने सीबीआई अधिकारियों से कहा कि उन्हें घूस लेते हुए गिरफ्तार नहीं किया गया है, इसलिए इस मामले में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है।
हालांकि, सीबीआई ने जब उन्हें फोन काल का रिकार्ड दिखाया और व्हाट्स एप पर अन्य आरोपितों के साथ की गई चैट दिखाई तो वह कुछ नहीं बोल सकी। पूछताछ के बाद उन्हें शाम को जेल भेज दिया गया है, जबकि अनिल तिवारी व अजय शर्मा से कुछ देर ही पूछताछ की गई। दोनों आरोपितों से गुरुवार को भी पूछताछ की जाएगी। |