जमुई में साइबर ठगी का मामला, केस हुआ दर्ज।
संवाद सहयोगी, जमुई। बैंक में किसी अनजान व्यक्ति से मदद लेना कितना भारी पड़ सकता है, इसका ताजा मामला झाझा के हथिया गांव स्थित केनरा बैंक में सामने आया है। यहां एक बुजुर्ग महिला के खाते में सेंधमारी कर शातिरों ने 92 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली। विडंबना यह है कि जिस गार्ड पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने पीड़ित को उस मददगार ठग से मिलवाया था। दरअसल, झाझा थाना क्षेत्र के पांडेडीह निवासी खाताधारक सत्यभामा देवी और उनके बेटे संतोष कुमार पांडेय ने बुधवार को थाने में आवेदन दिया।
मोबाइल नंबर लिंक न होने से नहीं मिली भनक
संतोष ने बताया कि 15 मई 2025 को वह अपनी मां के साथ पैसे निकालने बैंक गए थे। हस्ताक्षर मेल नहीं खाने पर बैंक के गार्ड ने उन्हें एक युवक से मदद लेने को कहा। युवक ने हस्ताक्षर करवाए और पांच हजार रुपये निकालकर दे दिए। परिवार को लगा कि खाता सुरक्षित है, लेकिन उस युवक ने उसी वक्त धोखाधड़ी की नींव रख दी थी।मंगलवार को जब संतोष अपने माता-पिता के साथ 30 हजार रुपये निकालने पहुंचे तो पता चला कि खाते में एक भी रुपया नहीं बचा है। स्टेटमेंट निकालने पर खुलासा हुआ कि 22 मई से अलग-अलग तारीखों में कुल 92 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं।
मैनेजर ने जानकारी देने से किया इन्कार
पीड़ित परिवार का खाता मोबाइल नंबर से लिंक नहीं था, जिस कारण निकासी का कोई अलर्ट मैसेज नहीं आया। इसी का फायदा उठाकर ठग पैसे निकालते रहे। मामले में एएसआइ राजेश सिंह ने जांच शुरू कर दी है और थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कार्रवाई का भरोसा दिया है। हालांकि, जब इस संबंध में शाखा प्रबंधक से सवाल किया गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली और कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पहले भी इस तरह के मामले यहां आए हैं। |