जागरण संवाददाता, नवानगर (बलिया)। अब बिजली बिल से परेशान होने की जरूरत नहीं है। केन्द्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना आम लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर आई है। इस योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाकर लोग खुद बिजली बना सकेंगे और अतिरिक्त बिजली बेच भी सकेंगे।
सरकार इसके लिए भारी भरकम सब्सिडी दे रही है।योजना के अनुसार 1 किलोवाट सोलर प्लांट पर 45 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 90 हजार रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर 1 लाख 8 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा। इसमें केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों का सहयोग शामिल है।
ऑन-ग्रिड सिस्टम सबसे ज्यादा फायदेमंद
ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम सीधे बिजली विभाग की लाइन से जुड़ता है। दिन में सोलर पैनल से घर की बिजली चलती है और बची हुई बिजली ग्रिड में चली जाती है। रात या कम धूप में ग्रिड से बिजली मिल जाती है। बैटरी न लगने से यह सिस्टम सस्ता पड़ता है और नेट मीटरिंग से बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है।
हाइब्रिड सिस्टम में कटौती का डर खत्म
हाइब्रिड सोलर सिस्टम में ग्रिड के साथ बैटरी भी रहती है। बिजली कटने पर भी घर में सप्लाई नहीं रुकती। यह सिस्टम थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन लगातार बिजली चाहने वालों के लिए सबसे बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
गांव-खेत के लिए ऑफ-ग्रिड सिस्टम
ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम पूरी तरह स्वतंत्र होता है। यह बिजली विभाग से नहीं जुड़ता और बैटरी में बिजली स्टोर करके चलाया जाता है। दूरदराज गांव, खेत और फार्महाउस के लिए यह सबसे उपयोगी है, हालांकि इसमें सरकारी सब्सिडी नहीं मिलती।
बलिया में सोलर सिस्टम लगाने को लेकर जबरदस्त रुचि देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि एक बार सोलर लगने के बाद महंगे बिजली बिल और कटौती से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक यह योजना सिर्फ बिजली बचाने की नहीं, बल्कि लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले समय में छत पर लगा सोलर पैनल ही घर की सबसे बड़ी ताकत बनेगा। |
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