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गढ़वा में सियासी हलचल: पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी पर ठोका मानहानि का मुकदमा।
संवाद सूत्र, जागरण गढ़वा। गढ़वा जिले की राजनीति में एक बार फिर गरमागरम माहौल बन गया है। गढ़वा विधायक और भाजपा नेता सत्येंद्रनाथ तिवारी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर होने से सियासी हलकों में हलचल मच गई है। झारखंड के पूर्व मंत्री और झामुमो नेता मिथिलेश कुमार ठाकुर ने मंगलवार को सीजेएम गढ़वा की अदालत में विधायक के विरुद्ध परिवाद पत्र दाखिल किया।
अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है, जिस पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
आरोप क्या हैं?
पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर का आरोप है कि विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने सार्वजनिक मंच पर उनके दिवंगत पिता स्वर्गीय कौशल किशोर ठाकुर के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस बयान से न केवल उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि दिवंगत पिता की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई।
नोटिस के बाद भी कोई जवाब नहीं
मुकदमा दायर करने से पहले पूर्व मंत्री ने विधायक को वकालतनामा नोटिस भेजा था। इसमें आपत्तिजनक बयान पर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई थी, ताकि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो सके। हालांकि, निर्धारित समयसीमा के अंदर विधायक की ओर से न तो कोई जवाब आया और न ही माफी मांगी गई।
विवश होकर पूर्व मंत्री ने सीजेएम गढ़वा की अदालत का रुख किया। अदालत में उनके पक्ष को वरिष्ठ अधिवक्ता *परेश कुमार तिवारी* ने मजबूती से रखा।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
यह घटना गढ़वा की सियासत में नया मोड़ लाई है। विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी (भाजपा) और पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर (झामुमो) के बीच पहले से ही तनातनी चल रही है। अब कानूनी दांव-पेंच और बयानबाजी से जिले की राजनीति में और तल्खी आने की आशंका है।
सबकी नजरें अब अदालत की अगली सुनवाई पर हैं, जहां इस मामले का भविष्य तय होगा। क्या विधायक माफी मांगेंगे या मुकदमा लंबा चलेगा? समय ही बताएगा। |
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