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PPU के कई कॉलेजों में पीजी कोर्स प्रारंभ करने को मिली मंजूरी, कई कोर्सों में भी पीएचडी शुरू कराने पर बनी सहमति

LHC0088 1 hour(s) ago views 638
  

जेडी वीमेंस कॉलेज में पीपीयू की सीनेट की बैठक में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन करते कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह एवं कुलसचिव प्रो. अबु बकर रिजवी। फोटो जागरण



जागरण संवाददाता, पटना। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) की सीनेट की बैठक मंगलवार को जेडी वीमेंस कालेज सभागार में हुई। जिसमें नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियों को लेकर कई निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने की। इसमें बख्तियारपुर में बन रहे विश्वविद्यालय परिसर का नामांकरण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर करने की सहमति बनी।

नए परिसर का नाम ‘नीतीश नगर’ रखने का प्रस्ताव कुलपति स्वयं ले आए जिसे सदन ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। विश्वविद्यालय मुख्यालय का बख्तियारपुर में परिसर बन रहा है। नए कैंपस का निर्माण कार्य जुलाई-अगस्त तक पूरा होने की संभावना है। यहां कुलपति समेत सभी पदाधिकारी बैठेंगे। बैठक में नए सत्र की शुरुआत से पहले विश्वविद्यालय के विभिन्न कालेजों में अतिथि शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया पूरी करने का निर्णय लिया गया, ताकि शिक्षण कार्य बाधित नहीं हो।

बजट प्रस्ताव कुलसचिव प्रो. अबु बकर रिजवी ने पढ़ा। शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए कुल 839 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। इसमें 673 करोड़ रुपये का घाटा दर्शाया गया है। विश्वविद्यालय के बजट में सबसे अधिक व्यय वेतन और पेंशन मद में प्रस्तावित है, विश्वविद्यालय के वेतन मद में 3,01,53,67,199 और पेंशन में 1,71,66,17,212 खर्च दिखाया गया है। विश्वविद्यालय को अलग-अलग स्रोतों से 166 करोड़ रुपये की आय दिखायी गयी है।

सीनेट में एक दर्जन से अधिक संबद्ध और अंगीभूत महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इससे विश्वविद्यालय क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को अपने ही जिलों में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा और उन्हें अन्य शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। साथ ही पीजी विभागों के गठन को लेकर भी नई व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी।

निर्णय लिया गया कि पीजी विभागों का पुनर्गठन नए मानकों और अकादमिक जरूरतों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे शोध और शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार हो सके। इसके अलावा कालेजों से पीजी की सीटों को बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक में कई विषयों में पीएचडी कार्यक्रम शुरू कराने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।

सीनेट सदस्यों ने माना कि शोध कार्यों के विस्तार से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा मजबूत होगी और विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। इसके लिए जल्द ही आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर संबंधित विभागों में पीएचडी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सीनेट ने एसीपी (असर्ड करियर प्रोग्रेशन) और एमसीपी (मोडिफाइड करियर प्रोग्रेशन) के लंबित भुगतान को शीघ्र करने का निर्देश दिया। सदस्यों ने कहा कि समय पर भुगतान न होने से कर्मचारियों में असंतोष फैलता है, जिसका असर शैक्षणिक माहौल पर भी पड़ता है।
सीनेट के निर्णयों को समय पूरा किया जाएगा: कुलपति

कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि सीनेट के निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और प्रशासनिक स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। सीनेट फैसलों से पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों और आधारभूत संरचना को नई दिशा मिलेगी तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय स्तर पर खेल खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान किया जा रहा है।
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