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KGMU के डॉ. रमीजुद्दीन के दो लैपटॉप से 13 सालों का डाटा मिला, लड़कियों के अश्लील वीडियो बरामद

cy520520 1 hour(s) ago views 550
  



आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। केजीएमयू से जुड़े मेडिकोज ग्रुप और वर्षों से चले आ रहे आपराधिक नेटवर्क की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं। दुष्कर्म, अवैध गर्भपात और मतांतरण जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार डाक्टर रमीजुद्दीन नायक ने रिमांड के दौरान घर से दो लैपटाप बरामद करवाए हैं।

एक लैपटाप में उसने 13 वर्षों का डाटा सेवकर रखा हुआ है। इस डाटा में न सिर्फ उसकी निजी गतिविधियों का पूरा रिकार्ड है, बल्कि मेडिकोज ग्रुप से जुड़े संदिग्ध संपर्कों और कई युवतियों के अश्लील वीडियो भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह डाटा पूरे नेटवर्क की रीढ़ साबित हो सकता है। फारेंसिक की मदद से डाटा रिकवर किया जाएगा।

सोमवार दोपहर एक बजे चौक पुलिस ने रमीजुद्दीन नायक को 48 घंटे की रिमांड पर लिया था। सोमवार को पांच घंटे तक चली पूछताछ में उससे 40 सवाल किए गए थे, जबकि मंगलवार को भी पूछताछ जारी रही। अब तक कुल 13 घंटे में 80 से अधिक सवाल पूछे जा चुके हैं।

पूछताछ के दौरान रमीज की निशानदेही पर पुलिस ने दो लैपटाप बरामद किए हैं, जिनमें बेहद आपत्तिजनक और चौंकाने वाला कंटेंट मिला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रमीज पिछले 13 वर्षों से अपनी हर गतिविधि को डिजिटल रूप से सहेज कर रखता था।

जिस भी लड़की से उसका संपर्क होता था, वह उसका अश्लील वीडियो बनाकर सुरक्षित कर लेता था। बरामद डाटा में दस से अधिक युवतियों के वीडियो मिले हैं, जिनमें उसकी पहली पत्नी के साथ-साथ अन्य लड़कियों के वीडियो भी शामिल हैं।

पुलिस का मानना है कि यह वीडियो ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद लैपटाप को फारेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

यही नहीं डाटा की मात्रा और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर रमीज की दोबारा रिमांड ली जा सकती है। फिलहाल चौक पुलिस पूरे मामले को बड़े आपराधिक नेटवर्क के तौर पर देख रही है।

कालगर्ल्स का विस्तृत डाटा, सवाल पर साध ली चुप्पी: लैपटाप के एक अलग फोल्डर में रमीज ने कथित तौर पर कालगर्ल्स का भी विस्तृत डाटा जमा कर रखा था। इनमें नाम, संपर्क और अन्य जानकारियां शामिल हैं। हालांकि, इन कालगर्ल्स का वह किस उद्देश्य से इस्तेमाल करता था, इस सवाल पर रमीज ने चुप्पी साध ली है।

पुलिस को आशंका है कि इस डाटा का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों और बड़े रैकेट के संचालन में किया जाता रहा होगा। जांच में यह भी सामने आया है कि रमीज नशे का आदी था और कई बार नशे की हालत में ही वह आपत्तिजनक गतिविधियों को अंजाम देता था।
मेडिकोज ग्रुप में तीन लोगों के लिए नाम, उनसे होगी पूछताछ

पूछताछ के दौरान पुलिस ने रमीज से केजीएमयू के मेडिकोज ग्रुप को लेकर भी सवाल किए, लेकिन इस संबंध में उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि तीन मददगारों के नाम लिए हैं।

पुलिस का मानना है कि मेडिकोज ग्रुप के जरिए उसका प्रभाव मेडिकल छात्रों और अन्य युवाओं तक था, जिसका इस्तेमाल वह अपने नेटवर्क को फैलाने में करता था। इस बिंदु पर पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं, जिनकी तकनीकी जांच कराई जा रही है।
आज जेल में होगा दाखिल

मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने कोई जानकारी साझा नहीं की है। उनका कहना है कि रिमांड ली गई थी। बुधवार दोपहर एक बजे खत्म होने से पहले दाखिल कर दिया जाएगा।
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