इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी के भवनों को किया ध्वस्त। (रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायल ने पूर्वी यरुशलम में फलस्तीनी क्षेत्र में कार्य करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था फलस्तीनी शरणार्थी राहत एवं कार्य एजेंसी के भवनों और अन्य निर्माणों को बुलडोजरों से ढहा दिया है। इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी यूएनआरडब्ल्यूए पर हमास का समर्थन और इजरायल के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए 2024 में प्रतिबंध लगा दिया था। एजेंसी ने इजरायली कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
यूएनआरडब्ल्यूए गाजा, वेस्ट बैंक और पश्चिम एशिया के कई स्थानों पर बसे विस्थापित फलस्तीनियों को राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य करती है। मंगलवार को पूर्वी यरुशलम स्थित एजेंसी के परिसर को इजरायली सुरक्षा बलों ने घेरकर वहां बने भवनों और लघु निर्माणों को बुलडोजरों से ढहा दिया। वैसे एजेंसी इन भवनों और ढांचों का प्रतिबंध लगने के बाद से इस्तेमाल नहीं कर रही थी।
इसका कारण यह था कि इजरायल ने एजेंसी पर प्रतिबंध लगाने के बाद एजेंसी के लोगों से परिसर को खाली करने और क्षेत्र से अपना कामकाज बंद करने के लिए कहा था। उससे पहले कई इजरायली हमलों में एजेंसी के लोग मारे गए थे। कई बार इजरायल ने एजेंसी के राहत वितरण केंद्रों पर भी हवाई हमले किए थे जिनमें एजेंसी के कर्मचारी और वहां पर सहायता सामग्री लेने आए फलस्तीनी मारे गए थे।
यूएनआरडब्ल्यूए के प्रवक्ता जोनाथन फाउलर ने बताया है कि इजरायली सुरक्षा बलों के जवान प्रात: सात बजे परिसर में आए और उन्होंने वहां पर तैनात एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों को जबरन बाहर किया, कुछ ही देर बाद उन्होंने बुलडोजरों से भवनों को गिराना शुरू कर दिया।
एजेंसी के प्रमुख फिलिप लाजरीनी ने इजरायली कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा है कि उसने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। जबकि इजरायल के कट्टर दक्षिणपंथी नेता और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इत्मार बेन-गिविर ने सरकार के कदम की प्रशंसा करते हुए 20 जनवरी को ऐतिहासिक और पवित्र दिन बताया है।
(समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ) |
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