तस्वीर एआई से बनाई गई है।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में देश के सबसे बड़े एआइ आधारित डाटा केंद्र की स्थापना की जाएगी। इस संदर्भ में स्विटजरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन में दूसरे दिन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल और एएम ग्रीन समूह के बीच 2.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। कंपनी ग्रेटर नोएडा में कंप्यूट डाटा केंद्र की स्थापना करेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार का एक प्रतिनिधि मंडल वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन में भाग लेने के लिए दावोस गया है। सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों के साथ प्रतिनिधिमंडल ने आठ से ज्यादा बैठकें की। इस दौरान ग्रेटर नोएडा में एएम ग्रीन समूह के साथ एक गीगावाट का कंप्यूट डाटा केंद्र स्थापित करने पर एमओयू किया गया। इस डाटा केंद्र से वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) वर्कलोड्स को सेवाएं दी जाएंगी। एमओयू के अनुसार एएम ग्रीन समूह चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2030 तक इस केंद्र को स्थापित करेगा। इस परियोजना का पहला चरण वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस डाटा केंद्र में पांच लाख अत्याधुनिक उच्च गुणवत्ता वाले चिपसेट लगाए जाएंगे, जो हाई परफार्मेंस कंप्यूटिंग (एचपीसी) और एआइ आधारित सेवाओं को गति देंगे। यह सुविधा वैश्विक हाइपरस्केलर्स, फ्रंटियर लैब, एंटरप्राइजेज और एआइ पहल को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने में सहायक होगी। यह डेटा केंद्र भारतीय डेवलपर्स को भी चिपसेट एक्सेस भी उपलब्ध कराएगा। कंपनी के अध्यक्ष महेश कोल्ली ने कहा कि एक गीगावाट कंप्यूट क्षमता को हरित ऊर्जा के साथ जोड़कर हम डाटा केंद्र के साथ-साथ सरकार के सहयोग से वैश्विक एआइ इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भविष्य के लिए एक टिकाऊ माडल तैयार करेंगे।
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