भगवान जगन्नाथ मंदिर (फाइल फोटो)
संवाद सहयोगी, पुरी। भगवान जगन्नाथ के एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार किए गए फर्जी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो गई हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने सिंहद्वार थाना में शिकायत दर्ज कराई है।
यह शिकायत ‘vishvrajcreation’ नामक सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ की गई है, जिस पर आपत्तिजनक और मनगढ़ंत दृश्य प्रसारित करने का आरोप है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, सोशल मीडिया पर भगवान जगन्नाथ के ऐसे एआई-जनित फोटो और वीडियो डाले गए हैं, जिनका मंदिर की परंपरा और धार्मिक मान्यताओं से कोई संबंध नहीं है। इन आपत्तिजनक पोस्टों के सामने आने के बाद भक्तों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के विशेष सुरक्षा अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की फर्जी सामग्री से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और समाज में असंतोष फैलने की आशंका है।
वायरल वीडियो में पुरी मंदिर के सामने क्रेन की मदद से भगवान जगन्नाथ पर दूध चढ़ाते हुए दिखाया गया है, जिसे जगन्नाथ संस्कृति के शोधकर्ता भास्कर मिश्र ने पूरी तरह काल्पनिक और असत्य बताया। उन्होंने कहा कि यह दृश्य न केवल अवास्तविक है, बल्कि मंदिर की परंपराओं का भी अपमान करता है।
मंदिर अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी मंदिर परिसर से अनधिकृत फोटो और वीडियो सामने आते रहे हैं, लेकिन पहली बार एआई तकनीक का इस्तेमाल कर भगवान जगन्नाथ की छवि को विकृत किया गया है।
इस बीच, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएमसी) ने ऐसे कृत्यों पर रोक लगाने के लिए कानून में संशोधन करने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में एआई या अन्य माध्यमों से मंदिर और भगवान जगन्नाथ की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। |