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प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, भागलपुर। पत्नी प्रीति देवी को आत्महत्या के लिए उकसाने मामले में सोमवार को पति संजय मोदी को दोषी करार दिया गया है। जिला सत्र न्यायाधीश 13 प्रशांत कुमार झा की अदालत ने सोमवार को केस की सुनवाई के दौरान पति संजय मोदी को दोषी करार देते हुए उसे सजा सुनाने के लिए 30 जनवरी 2026 की तिथि तय कर दी है। न्यायाधीश ने मामले में आरोपित मृतक प्रीति देवी के जेठ अजय मोदी को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया है। सरकार की तरफ से अपर लोक अभियोजक पंकज कुमार ठाकुर ने बहस में भाग लिया।
- जिला सत्र न्यायाधीश 13 प्रशांत कुमार झा की अदालत ने दोषी पति संजय मोदी को 30 जनवरी को सुनाएगी सजा
- मृतक प्रीति देवी के जेठ अजय मोदी को साक्ष्य के अभाव में किया रिहा, 24 साल बाद आया केस में फैसला
मालूम हो कि सबौर थानाक्षेत्र के पटेल नगर में सात अगस्त 2001 को दहेज प्रताड़ना और अन्य घरेलू कारणों से ससुराल मे प्रताड़ित प्रीति देवी ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। जिसकी उपचार के दौरान जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में सात अगस्त की देर रात मृत्यु हो गई थी। घटना की बाबत सबौर थाने में दफादार जनक सिंह के फर्द बयान पर केस दर्ज किया गया था। तब केस दहेज हत्या और प्रताड़ना के आरोप में दर्ज किया गया था।
जब केस का ट्रायल चला तो मौजूदा गवाहों के बयान बाद न्यायालय ने केस में पति संजय मोदी को पत्नी प्रीति देवी को आत्महत्या को उकसाने मामले में साक्ष्य पाते हुए दोष्ज्ञी करार दिया है। प्रीति के भसुर के विरुद्ध साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे रिहा कर दिया है। अब दोषी पति संजय मोदी को 30 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। पुलिस ने पांच नवंबर 2001 को मामले में आरोप पत्र दाखिल की थी। संजय की शादी वर्ष 2000 में मुंगेर जिले के नया गांव जमालपुर निवासी प्रीति देवी के साथ हुई थी। |
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