दून मेडिकल कॉलेज में छात्रावास में रैगिंग के मामले में प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज में पुरुष छात्रावास में रैगिंग के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कुल नौ दोषी छात्रों को सजा दी है। प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब कॉलेज में रैगिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच में सामने आया कि एमबीबीएस 2025 बैच के अयुजर अली और सक्षम आर्यन के साथ रैगिंग की गई। इस मामले में एमबीबीएस 2023 के मोहम्मद साकिब अली और एमबीबीएस 2024 के प्रज्ञांग पंवार मुख्य आरोपित पाए गए।
प्राचार्या के आदेश के अनुसार इन दोनों छात्रों को अकादमिक कक्षाओं से दो माह के लिए निलंबित किया गया है। साथ ही उन्हें 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया और हॉस्टल से पूरी एमबीबीएस और इंटर्नशिप की अवधि के लिए निष्कासित कर दिया गया।
अन्य सात दोषी छात्र पर भी कार्रवाई
अन्य सात दोषी छात्र (एमबीबीएस 2023 के विकल्प राणा, स्पर्श सिंह, सुर्याश शुक्ला, आदित्य पालीवाल और एमबीबीएस 2024 के वंश यादव, शुयेय अली, रिहान अंसारी) को हॉस्टल से तीन माह और अकादमिक कक्षाओं से एक माह के लिए निलंबित किया गया है।
आदेश तत्काल प्रभाव से लागू
प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। कॉलेज प्रशासन ने सभी वार्डनों और स्टाफ को निर्देश दिए हैं कि छात्रावास में निगरानी बढ़ाई जाए और छात्रों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए। इस कार्रवाई के साथ यह संदेश भी स्पष्ट हो गया है कि दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर शून्य सहनशीलता बरती जाएगी।
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