Junior Aided Teacher Recruitment 2021 : शिक्षक भर्ती में क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिए जाने की मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय में प्रदर्शन अभ्यर्थी। सौ. अभ्यर्थी
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। Junior Aided Teacher Recruitment 2021 जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती-2021 में क्षैतिज आरक्षण नहीं दिए जाने से भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों का आरक्षण शून्य हो गया है। इस भर्ती के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है, लेकिन क्षैतिज आरक्षण के मानकों का पालन नहीं किए जाने पर लाभ से वंचित हुए अभ्यर्थियों ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय प्रयागराज में अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और मांग की कि क्षैतिज आरक्षण देकर उन्हें भी लाभ दिया जाए।
Junior Aided Teacher Recruitment 2021 निदेशालय में प्रदर्शन करने पहुंचे राहुल पासवान, पूर्व सैनिक विजय शंकर पाण्डेय, पूर्व सैनिक कृष्णा राजभर, सुनीता यादव, प्रियंका पुरवर, उपेंद्र सिंह, पूर्णिमा चौरसिया, शिवकुमार आदि ने आरोप लगाया कि इस भर्ती में आरक्षण नियमों की अवहेलना की गई है। इस भर्ती में सहायक अध्यापक के कुल 1262 पद दिए जा रहे हैं। इसमें ऊर्ध्वाकार (वर्टिकल) आरक्षण में अनारक्षित के 1051 पद, 115 ओबीसी, एससी के 96 पद सृजित हैं, जबकि एसटी व ईडब्यूएस के पद शून्य हो गए हैं।
Junior Aided Teacher Recruitment 2021 इसके अलावा क्षैतिज (होरिजेंटल) आरक्षण के मानक का पालन नहीं किए जाने से भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित तथा दिव्यांग के पद शून्य हो गए हैं। इसके विपरीत वर्तमान आरक्षण नियमों के अनुसार क्षैतिज आरक्षण में भूतपूर्व सैनिक के पांच प्रतिशत आरक्षण के अनुपात में भूतपूर्व सैनिक के 63 पद, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों के दो प्रतिशत आरक्षण के अनुपात में 25 पद तथा दिव्यांग के चार प्रतिशत आरक्षण के अनुपात में 50 पद होने चाहिए।
अभ्यर्थियों ने आरक्षण में नियमानुसार निर्धारित होने वाले पदों के विवरण के साथ पंचायती राज तथा अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर को भी पत्र भेजकर अनुमन्य आरक्षण दिलाए जाने की मांग की है। मामले पर जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र पाण्डेय ने कहा है कि आरक्षण निर्धारण में नियमों की अनदेखी कर अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने आरक्षण का निर्धारण नए सिरे से कर न्याय दिलाए जाने की मांग की है। |