जेएस यूनिवर्सिटी, शिकोहाबाद।
संस.जागरण,शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। शासन द्वारा जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द करने के बाद सोमवार को आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कुलपति और कुलसचिव टीम सोमवार दोपहर एक बजे विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने पूर्व कुलपति और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित कर वार्ता की।
उन्हें स्पष्ट निर्देश दिये कि अब से विश्वविद्यालय की देखरेख आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव के द्वारा देखी जाएंगी। जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त होने के बाद सोमवार दोपहर को डा.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कुलपति डा.आशू रानी, कुलसचिव अजय मिश्रा टीम के साथ दोपहर एक बजे विश्वविद्यालय पहुंचे।
यहां उन्होंने निर्वतमान कुलपति डा.गीता यादव के साथ और अन्य लोगों के साथ एक बैठक आयोजित की। इस दौरान कुलपति ने निर्वतमान कुलपति से विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी अब आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा देखी जाएंगी। शासन ने विश्वविद्यालय को समाप्त कर दिया है और इसकी देखरेख आंबेडकर विश्वविद्यालय को दी है।
जिन विषयों की डिग्री अभी पूरी नहीं हुई हैं। उन सभी की परीक्षा अब आगरा विश्वविद्यालय कराएगा। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं की डिग्री और अंकतालिकाएं भी आगरा विश्वविद्यालय द्वारा जारी की जायेगीं। बैठक में छात्रों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई।
इस पर कुलपति ने स्प्ष्ट कहा कि कोई बहाना अब नहीं चलेगा। जो छात्र पढ़ना चाहेंगे, वह पढ़ेंगे और जो ना पढ़ना चाहेँ वह ना पढ़ें। लेकिन परीक्षाएं अब आबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ही कराएगा।
कर्मचारियों के सामने आया संकट
जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द करने के बाद से ही विश्वविद्यालय में तैनात कर्मचारी और शिक्षकों तथा अन्य स्टाफ के सामने रोजी-रोटी की चिंता व्याप्त हो गई है। लगभग 250 शिक्षक व कर्मचारी इस विश्वविद्यालय में कार्यरत होकर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे।
लेकिन अब वे सब बेरोजगार हो जाएंगे। वहीं फैक्लटी में पढ़ाने वाले शिक्षकों के सामने भी असमंजस की स्थित खड़ी हो गई है। |
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