search

NEET छात्रा की मौत का मामला: पटना में सड़क पर उतरी कांग्रेस, पूछा- अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए आरोपी?

deltin33 2026-1-19 14:27:31 views 742
  

बिहार के AICC प्रभारी कृष्णा अल्लावरू। फोटो  



जागरण संवाददाता, पटना। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पटना में बिहार सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की राजधानी में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत की जांच में लापरवाही बरती जा रही है।

बिहार के AICC प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता इनकम टैक्स क्रॉसिंग के पास जमा हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री का पुतला भी जलाया।
क्या है मामला?

जहानाबाद की 18 साल की छात्रा, जो मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रही थी, इस महीने की शुरुआत में यहां चित्रगुप्त नगर में एक गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश मिली थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक प्राइवेट अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

लड़की के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया था और अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है।
कांग्रेस ने कहा- सरकार और पुलिस अपराधियों को बचा रही है

पत्रकारों से बात करते हुए अल्लावरू ने कहा,


“राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। सब जानते हैं कि बिहार में पुलिस की मनमानी के कारण लोगों को न्याय नहीं मिलता। पहले तीन दिनों में FIR क्यों दर्ज नहीं की गई? लोग लड़की और उसके परिवार के सदस्यों के लिए न्याय चाहते हैं। अब तक आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है?“


उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए SIT का गठन करने से मकसद पूरा नहीं होगा। बिहार कांग्रेस के प्रभारी ने आरोप लगाया कि ऐसी टीमें \“तथ्यों को दबाने और प्रभावशाली लोगों को बचाने\“ के लिए बनाई जाती हैं।

वहीं, इस मामले पर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा,


“सरकार की मंशा मामले को सुलझाने की नहीं है। सरकार और पुलिस आरोपियों को बचा रही है। हम लड़की और उसके परिवार के सदस्यों के लिए न्याय के लिए लड़ेंगे।“

सम्राट चौधरी ने दिया न्याय का आश्वासन

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा था कि NEET छात्रा की मौत में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। गृह विभाग का पोर्टफोलियो संभालने वाले चौधरी ने पत्रकारों से कहा था,


“पुलिस ने घटना की जांच के लिए पहले ही एक SIT का गठन कर दिया है। DGP खुद जांच की निगरानी कर रहे हैं। NEET छात्रा की मौत में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।“

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की आशंका

उसकी मौत के बाद पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया। डॉक्टरों की शुरुआती जांच में पता चला कि मौत ज़्यादा नींद की गोलियां खाने से हुई थी और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी। हालांकि, लड़की की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया कि इस घटना के पीछे यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता।

उसके परिवार द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बावजूद, पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और CCTV फुटेज से इसकी संभावना खत्म हो गई है। पटना पुलिस ने 13 जनवरी को जारी एक बयान में दावा किया था,


“डॉक्टरों को यौन उत्पीड़न के कोई संकेत नहीं मिले और उन्होंने कहा कि उसने बड़ी संख्या में नींद की गोलियां खाई थीं और वह टाइफाइड से पीड़ित थी।“


रविवार को मृतक के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन और डॉक्टरों  शुरू में इसे आत्महत्या का मामला बताया था। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जिन्होंने मामले को “दबाने की कोशिश“ की। मृतक के पिता ने रविवार को पत्रकारों से कहा,


“हॉस्टल की वार्डन, डॉक्टर और कुछ पुलिसकर्मी मिले हुए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हॉस्टल अधिकारियों ने हमें समझौता करने के लिए पैसे की पेशकश की थी। यहां तक कि पुलिसकर्मियों ने भी हमें धमकी दी थी और हमसे कहा था कि हम इस मामले के बारे में मीडिया से कुछ भी बात न करें।“


समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
477746