प्रयागराज के ज्योतिषी के अनुसार 4 फरवरी से विवाह का मुहूर्त शुरू होकर 14 मार्च तक रहेगा।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मकर संक्रांति पर सूर्य के धनु से मकर राशि में संचरण करने के साथ खरमास समाप्त हो गया है। सूर्यदेव दक्षिणायण से उत्तरायण हो गए हैं। आमतौर पर मकर संक्रांति के अगले दिन से शुभ, मांगलिक व वैवाहिक लग्न आरंभ हो जाते थे। अबकी खरमास समाप्त होने के बावजूद विवाह शुरू नहीं हो पाया है। इसका प्रमुख कारण शुक्र का अस्त होना है। शुक्रोदय होने पर चार फरवरी से विवाह शुरू होगा। खासबात यह है कि फरवरी व मार्च महीने के 42 दिनों में विवाह के 20 मुहूर्त हैं। इससे बैंड-बाजा, बरात की खूब धूम रहेगी।
शुक्रोदय के बाद शुभ कार्य आरंभ होंगे : आचार्य विद्याकांत
पाराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार खरमास समाप्ति के साथ ही शुक्रोदय हो जाता था, लेकिन अबकी ऐसा नहीं हुआ। शुक्र जब अस्त होते हैं तो विवाह ही नहीं, सनातन धर्म में शुभ व मांगलिक माने जाने वाले कोई भी कार्य जैसे, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ, प्रथम देवयात्रा आरंभ, व्रतारंभ, व्रत उद्यापन, चातुर्मास्य की समाप्ति आदि नहीं किए जाते। शुक्रोदय के बाद चार फरवरी से शुभ कार्य आरंभ होंगे।
14 मार्च तक वैवाहिक लग्नों की धूम होगी
उन्होंने बताया कि चार फरवरी से 14 मार्च तक वैवाहिक लग्नों की धूम होगी। बच्चों के संस्कार, जिनमें निर्धारित काल का अतिक्रमण हो गया हो, इस अवधि में नहीं होते। इस बार सूर्य धनु से मकर राशि और 14 जनवरी की रात 9:39 बजे उत्तरायण हो जाएंगे, किंतु शुक्रोदय एक फरवरी को होगा। शुक्र तीन दिनों तक बाल्यावस्था में रहते हैं, इसलिए चार फरवरी से विवाहादि के लग्न मुहूर्त मिलना आरंभ होंगे। अंतिम वैवाहिक लग्न 14 मार्च को है।
15 मार्च से पुन: लग जाएगा खरमास
14 मार्च की अर्धरात्रि के बाद 15 मार्च के सूर्योदय के पूर्व सुबह 3:36 बजे पुन: खरमास लग जाएगा। अतएव 14 मर्च को विवाहादि मंगल कार्यों में इसका ध्यान रखना होगा और सुबह 3:36 बजे के पूर्व विवाह अनुष्ठान पूर्ण कर विदाई आदि कार्य संपन्न कराने होंगे।
कब-कब है वैवाहिक मुहूर्त
फरवरी माह : 4, 5, 6, 10, 11, 12, 13, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26
मार्च में लग्न : 9, 10, 11, 12, 13, 14 (15 मार्च से खरमास आरंभ)
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