मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए नहीं लगाना होगा कार्यालयों का चक्कर, ऑनलाइन करें आवेदन
संवाद सूत्र, जागरण गोंडा। निराश्रित बच्चों के पालन-पोषण व पढ़ाई में मदद के लिए चल रही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में अब ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू हो गई है। इससे विशेष रूप से उन बच्चों व परिवारों को राहत मिलेगी, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से बार-बार सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाते थे।
ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है या फिर जिनमें से एक अभिभावक की मृत्यु के बाद दूसरा अभिभावक बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हों, उन्हें सरकार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत हर माह ढाई हजार रुपये की मदद दे रही है।
पालन-पोषण व पढ़ाई की मदद के लिए योजना का लाभ लेने के लिए पहले ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया थी, जिसमें ब्लॉक पर बीडीओ या फिर जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय आकर आवेदन पत्र जमा करना पड़ता था। तमाम बच्चे व उनके परिवार वाले दौड़ न लगा पाने के कारण लाभ से वंचित रह जाते थे।
अब यह प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। इससे अब बेसहारा बच्चों को योजना से मदद पाने के लिए कार्यालयों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। वह कहीं भी मोबाइल या जनसेवा केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद उनका शहरी क्षेत्र में एसडीएम व ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी के स्तर से सत्यापन होगा।
सत्यापन में सब कुछ सही मिलने पोर्टल पर अनुमोदन कर उसे जिला प्रोबेशन विभाग को भेज दिया जाएगा, जहां स्वीकृति मिलते ही उन्हें इसका लाभ मिलने लगेगा।
2156 बच्चों को हर माह ढाई हजार रुपये की मदद मिल रही है। यह हर तीसरे माह लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे अन्य गरीब बच्चों को लाभान्वित करने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू हुई है। इसमें ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर लाभ लिया जा सकेगा। उन्हें कार्यालयों का चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
संतोष कुमार सोनी, जिला प्रोबेशन अधिकारी |
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