जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। मुर्दे को जिंदा दर्शाकर फर्जीवाड़ा करते हुए 2.5 बीघा जमीन को बेचने के मामले में खालापार पुलिस ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया। सहारनपुर निवासी व्यक्ति ने खालापार थाने पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित को दिसंबर माह में गिरफ्तार कर लिया था। उसने खुद को जमीन मालिक दर्शाकर फर्जी बैनामा करा दिया था, जबकि जमीन के असली मालिक की 23 साल पहले मौत हो चुकी है।
खालापार थाने पर 22 दिसंबर 2025 को राजसिंह निवासी गांव बहेड़ा थाना बड़गांव जनपद सहारनपुर ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके छोटे भाई मूलचंद की 15 फरवरी 2002 को मौत हो गई थी। मूलचंद के नाम मुजफ्फरनगर की नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव कल्लरपुर कछौली में लगभग 2.5 बीघा जमीन थी।
आरोप है कि पीड़ित के गांव में रहने वाले ओमवीर ने खुद को मूलचंद दर्शाते हुए सचिन उर्फ अशोक निवासी ग्राम कछोली के नाम उक्त जमीन का फर्जी बैनामा करा दिया। 29 सितंबर 2025 को सदर तहसील मुजफ्फरनगर में फर्जी तरीके बैनामा कराया गया था।
इस साजिश में अरविंद निवासी शाहबुद्दीनपुर नगर कोतवाली, मिंटु निवासी सैदनगला नगर कोतवाली और अरविंद निवासी बहेड़ा जनपद सहारनपुर की भी संलिप्तता है।
खालापार थाना प्रभारी निरीक्षक महावीर सिंह चौहान ने बताया कि रविवार को मेरठ रोड स्थित रामपुरम गेट के निकट से मिंटू निवासी सैद नंगला थाना चरथावल मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार किया गया।
मिंटू जमीन नाम कराने के दौरान गवाह बना था। आरोपित को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अभी इस मामले में जमीन खरीदने वाला आरोपित सचिन व सौदा कराने वाले अरविंद वांछित है। |
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