रोहिणी आचार्य के सवालों से घिरी सरकार
डिजिटल डेस्क, पटना। पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की रेप के बाद मौत का मामला अब सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं, बल्कि सत्ता, सिस्टम और संवेदनहीनता पर सवाल बनता जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में नया और तेज राजनीतिक एंगल तब जुड़ गया, जब राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी Rohini Acharya ने सीधे बिहार सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। उनके सवालों ने जांच की दिशा और रफ्तार, दोनों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से पूछा, “पूछता है बिहार, कब होंगे आरोपी गिरफ्तार?” उन्होंने साफ तौर पर हॉस्टल संचालक अग्रवाल दंपती और उनके आरोपी पुत्र की गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाया।
रोहिणी ने लिखा कि इतने संगीन मामले में अब तक मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। उनके इस बयान के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक और जनआक्रोश से जुड़ गया है।
इसी बीच, पुलिस जांच में एक अहम हलचल सामने आई है। रविवार देर रात स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मृतका के तीन करीबी संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
इनसे गहन पूछताछ की जा रही है, हालांकि पुलिस की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के मुताबिक, SIT को तकनीकी इनपुट के आधार पर कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके बाद ये कार्रवाई की गई है। माना जा रहा है कि आज यानी सोमवार को पुलिस इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकती है।
जांच का दायरा अब सिर्फ हॉस्टल तक सीमित नहीं रहा है। प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स की गतिविधियों की भी जांच हो रही है। संदेह जताया जा रहा है कि इलाज के दौरान भी साजिश रची गई हो सकती है।
यही वजह है कि अस्पताल में हुई हर गतिविधि, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यह अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच चुका है। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप और गंभीर चोटों के खुलासे के बाद उन्होंने रिटायर्ड जज की निगरानी में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट और पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भी पत्र भेजा गया है।
राजनीतिक मोर्चे पर कांग्रेस ने आज पटना में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। 11:45 बजे इनकम टैक्स चौराहे पर होने वाले इस प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरु समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
इससे पहले कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह पीड़ित परिवार से मिलने जहानाबाद पहुंचे थे और राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया था।
वहीं, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी इस मामले में लगातार मुखर हैं। वे देर रात एक निजी अस्पताल पहुंचे और आरोप लगाया कि छात्रा इलाज के दौरान होश में थी, लेकिन उसे जबरन वेंटिलेटर पर डाल दिया गया। उन्होंने पुलिस पर साजिश के तहत आरोपी को रिमांड पर न लेने का आरोप भी लगाया।
रोहिणी आचार्य के सवाल, SIT की हिरासत, मानवाधिकार आयोग की दखल और सड़कों पर उतरता विपक्ष, इन सबके बीच अब सरकार और पुलिस पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
सवाल साफ है: क्या इस मामले में सिर्फ \“करीबी\“ ही पकड़े जाएंगे, या रोहिणी के शब्दों में कहें तो \“बड़े नाम\“ भी कानून के शिकंजे में आएंगे?
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