जागरण संवाददाता, पटना। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित हॉस्टल में नीट की तैयारी करने वाली छात्रा की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी एसआइटी रविवार को मुन्नाचक स्थित सहज नर्सिंग होम और कदमकुआं स्थित डॉ. प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंची।
एसआइटी में शामिल एएसपी सदर अभिनव, एसडीपीओ सचिवालय डॉ. अन्नू के साथ अन्य पुलिस पदाधिकारी थे। दोनों निजी अस्पतालों में एसआइटी करीब पांच घंटे तक छात्रा के उपचार से जुड़े सभी अहम साक्ष्य जुटाने के साथ ही चिकित्सक और कर्मियों से पूछताछ की। टीम कुछ दस्तावेज साथ ले गई। मेडिकल हिस्ट्री भी खंगाली गई। इसके बाद एसआइटी वहां से लौट गई।
गर्ल्स हॉस्टल से बेहोशी की हालत में सबसे पहले छात्रा को सहज नर्सिंग होम में भेजा गया था, वहां से डॉ. प्रभात मेमोरियल हास्पिटल में रेफर किया गया था, जहां छह से दस जनवरी तक उपचाराधीन थी। वहीं, मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया। एसआइटी उनसे पूछताछ कर रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एसआइटी की एक टीम सुबह सबसे पहले सहज नर्सिंग होम पहुंची। वहां डाक्टर्स, काउंटर पर मौजूद लोगों से पूछताछ की। इसके बाद डॉ. प्रभात मेमोरियल हास्पिटल टीम गई। पुलिस सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले जुटाए गए साक्ष्य की बिंदूवार समीक्षा की गई थी। इसके बाद कई और बिंदुओं पर जांच कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई।
छात्रा की मौत के बाद बढ़ते आक्रोश के बीच एसआइटी हर कदम फूंक-फूंककर रख रही है। किसी को हिरासत लेने से पहले या गिरफ्तारी के लिए सबसे पहले पुख्ता साक्ष्य जुटा रही है। एसआइटी की सात सदस्यीय टीम को अलग-अलग जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
दूसरी टीम सीसीटीवी फुटेज, छात्रा के हॉस्टल से घर जहानाबाद जाने और फिर वहां से आने के बाद की हिस्ट्री खंगाल रही है। इसमें तकनीकी अनुसंधान के लिए अगल से टीम बनाई गई है। फिलहाल, इस मामले में अभी तक सिर्फ गर्ल्स हॉस्टल की बिल्डिंग मालिक को गिरफ्तारी किया गया है, ताकि साक्ष्य और अनुसंधान प्रभावित न हो सके।
पुलिस की थ्योरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पुलिस का दावा है कि चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस को 9 जनवरी को घटना की सूचना मिली थी। छात्रा छह जनवरी को गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। हॉस्टल के कर्मचारी उसे अस्पताल ले जाते हैं। एक से दूसरे और फिर तीसरे अस्पताल में उसकी मौत हो गई। छह से नौ जनवरी के बीच साक्ष्य जुटाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय था। इस दौरान सबूत जुटाए जाते, लेकिन पुलिस सुस्त रही।
वहीं, स्वजन शुरू से ही उसके साथ मारपीट और गलत होने की आशंका व्यक्त करते रहे। पटना पुलिस प्रारंभिक जांच में घटनास्थल, एफएसएल, हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज, संचालक एवं वार्डन के साथ ही चिकित्सक के बयान एवं जांच रिपोर्ट के आधार पर यौन हिंसा नहीं होने की बात कहती रही। जांच और साक्ष्य जुटाने का यही सबसे महत्वपूर्ण समय था, लेकिन पुलिस अधिकारी थाने की पुलिस की जांच पर इस मामले को आत्महत्या की तरफ मोड़ रहे थे।
बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट हाथ में आए ही प्रारंभिक जांच के नाम पर इसी कहानी को पुलिस अधिकारी भी आगे बढ़ाते गए। 15 जनवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर जख्म और यौन हिंसा से इन्कार नहीं होने की बात सामने आते ही पुलिस की पूरी थ्योरी बदल गई। मामला तूल पकड़ने पर एसपी पूर्वी के नेतृत्व में सात सदस्यीय एसआइटी का गठन किया गया है और अब नए सिरे पूरे मामले की जांच की जा रही है।
सड़क से सदन तक मामला उठाएगा: राजद
सांसद डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव रविवार को छात्रा के स्वजन से मिलने जहानाबाद पहुंचे। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा प्रथम दृष्टया मामले को दबाने की कोशिश की गई, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस तरह की घटनाएं समाज को शर्मसार करती हैं और बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। सांसद ने कहा कि इस मामले को राजद सड़क से लेकर सदन तक उठाएगा। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। सरकार को चाहिए कि मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को जल्द कड़ी से सजा दिलाई जाए।
अंतिम निष्कर्ष के लिए विशेषज्ञों की राय
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने छात्रा का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की देखरेख में कराया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सेकेंड ओपिनियन के लिए उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा गया।
अब पुलिस का कहना है कि सेकेंड ओपिनियन का इंतजार है। पुलिस ने दावा किया कि छात्रा के हॉस्टल आने-जाने के रास्तों और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा चुके हैं। उसके मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। साथ ही कॉल डिटेल निकाली गई है।
घटनाक्रम
5 जनवरी : छात्रा जहानाबाद से चित्रगुप्त नगर स्थित हॉस्टल लौटी
6 जनवरी : बेहोशी की हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया
11 जनवरी : निजी अस्पताल में उपचार के क्रम में मौत हो गई
11 जनवरी : डाक्टरों के बयान पर पुलिस बोली यौन शोषण की पुष्टि नहीं
12 जनवरी : पीएमसीएच में मेडिकल बोर्ड गठन कर हुआ पोस्टमार्टम
12 जनवरी : शव कारगिल चौक पर रखकर प्रदर्शन, मामले में प्राथमिकी
15 जनवरी : पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई बातों की दी जानकारी
15 जनवरी : गर्ल्स हॉस्टल के बिल्डिंग के मालिक को पुलिस ने किया गिरफ्तार
16 जनवरी : गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है।
16 जनवरी : डीजीपी के आदेश पर एसआइटी का हुआ गठन
17 जनवरी : एडीजी, रेंज आइजी, एसएसपी सहित एसआइटी घटनास्थल पर पहुंची।
18 जनवरी : एसआइटी की टीम दो निजी अस्पतालों में जांच करने पहुंची। |
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