जागरण संवाददाता, संभल। तहसील क्षेत्र के गांव कसेरुआ में कब्रिस्तान के लिए दर्ज ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा कर मस्जिद का निर्माण कर लिया। इतना ही नहीं मस्जिद के गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर सुन्नी सेंटर वक्फ बोर्ड में उसका पंजीकरण भी कराया लिया।
पैमाइश के बाद राजस्व विभाग को इसकी जानकारी हुई। मामले में लेखपाल की तहरीर पर नखासा पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
भटौला क्षेत्र के लेखपाल खाबर हुसैन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गांव कसेरुआ में गाटा संख्या 409, रकबा 0.028 हेक्टेयर भूमि राजस्व रिकार्ड में कब्रिस्तान के नाम दर्ज है। यह भूमि सार्वजनिक उपयोग की है और इसका उपयोग केवल कब्रिस्तान के उद्देश्य से ही किया जा सकता है। जब उस भूमि की पैमाइश कराई गई तो पाया गया कि गाटा संख्या 409 के कुल रकबे में से लगभग 0.012 हेक्टेयर भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया है।
जांच के दौरान मस्जिद प्रबंधन की ओर से कुछ दस्तावेज भी दिखाए गए। जिनमें मस्जिद को 19 जून 2023 को उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में पंजीकृत होना पाया गया। लेखपाल ने बताया कि गाटा संख्या 409, चकबंदी अभिलेखों में आकार पत्र 45 की गाटा संख्या 314 के रूप में दर्ज है और यह कब्रिस्तान के खाते में आती है। यह ग्राम सभा की संपत्ति है, जो सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित है।
आरोप है कि मस्जिद प्रबंधन की ओर से वक्फ बोर्ड के समक्ष गलत और भ्रामक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। साथ ही वास्तविक तथ्यों को छुपाया गया। यदि सही तथ्य सामने रखे जाते तो मस्जिद का पंजीकरण वक्फ बोर्ड में संभव नहीं होता। इसके अलावा कब्रिस्तान के प्रयोजन से सुरक्षित ग्राम सभा की भूमि पर कब्जा कर ग्राम सभा के अधिकारों को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
इस मामले में लेखपाल ने गांव के ही जाकिर हुसैन, तस्लीम, भूरे, सरफुद्दीन, मजीदुद्दीन, दिल शरीफ, मोहब्बत और नन्हे के खिलाफ तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक संजीव बालियान ने बताया कि तहरीर के आधार पर नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। |
|