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सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सहयोगी, जागरण नवाबगंज। उधारी के 4.5 लाख रुपये वापस मांगने पर अनुसूचित जाति के पप्पू से बर्बरता की गई। पूर्व प्रधान चंद्रसेन गंगवार व उसके साथियों ने पप्पू को पीटा। इसके बाद सिर व मूंछ मुड़वाई, भौंह के बाल तक कटवा दिए। चेहरे पर कालिख पोत दी।
शर्मनाक घटना के एक माह बाद पप्पू रविवार को नवाबगंज थाने पहुंचे। उन्होंने चंद्रसेन, उसके बेटे पप्पू, गोधन व पांच अज्ञात पर एससी-एसटी एक्ट, मारपीट, अपमानित करने आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई। उनका कहना था कि घटना के कारण अवसाद में था, इसलिए थाने आने में देर हुई। इस प्रकरण का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा।
उधारी वापस मांगने पर आरोपितों की बर्बरता, पूर्व प्रधान समेत आठ पर प्राथमिकी
पीड़ित पप्पू दिवाकर मूलरूप से बहेड़ी के गुरसौली गांव निवासी हैं मगर, तीन महीने से गेलाटांडा गांव के पूर्व ग्राम प्रधान चंद्रसेन के घर में किराये पर रहने लगे। वह खेती-बाड़ी करते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले चंद्रसेन ने ट्रैक्टर खरीदने के लिए उनसे उधारी मांगी। उसकी मदद के लिए अपने जमा-पूंजी जुटाई, परिचितों से सहयोग लिया। इसके बाद 4.5 लाख रुपये दे दिए थे।
एक महीने पहले हुई थी घटना, वीडियो प्रसारित होने के बाद थाने पहुंची शिकायत
चंद्रसेन ने कहा था कि कुछ समय बाद रुपये लौटा देगा मगर, फिर मुकर गया। वह लगातार टालमटोल करता रहा तो दिसंबर में नाराजगी जताई। इससे बौखलाए चंद्रसेन, उसके बेटे पप्पू, गोधन व कुछ अन्य लोगों ने घसीटकर पीटा। जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया। आरोपितों ने अपने घर के आंगन में बंधक बनाया, फिर कैंची से सिर व मूंछ के बाल कटवा दिए, भौंह पर उस्तरा चलवा दिया। उन सभी के भय के कारण विरोध तक नहीं कर सका। बर्बरता करने के बाद आरोपितों ने गांव से भगा दिया।
घर जाकर अवसादग्रसित हो गया था
पप्पू ने बताया कि वहां से घर जाकर अवसादग्रसित हो गया था। मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही थी। उसमें कुछ सुधार होने के बाद थाने आया। वीडियो में दिख रहा कि भगवा कुर्ता पहने पप्पू को जबरन जमीन पर बैठाकर बाल काटे जा रहे। यह वीडियो रविवार को पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंचा।
पुलिस के अनुसार, नामजद तीनों आरोपितों को पकड़ लिया गया है। अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही। इस घटना से आक्रोशित भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग थी कि पीड़ित को सुरक्षा दी जाए। आरोपितों को जेल भेजा जाए। |
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