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जागरण संवाददाता, मेरठ। कपसाड़ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या व बेटी रूबी को उठाकर ले जाने तथा ज्वालागढ़ में मौसी के यहां आ रहे सोनू उर्फ रोहित की हत्या के बाद जातीय संघर्ष की आशंका से पुलिस-प्रशासन अभी भी सहमा हुआ है।
13 दिन बीत जाने पर पुलिस हर कदम सोच-समझकर उठा रही है। कुछ न हो जाए ? की आशंका से घिरे पुलिस-प्रशासन ने रविवार को भी दोनों गांव में अपने पहरे का घेरा बनाए रखा। न किसी को अंदर जाने दिया, न बाहर आने दिया।
दोनों पीड़ित परिवार, पुलिस-खुफिया विभाग के साथ ही तीसरी आंख यानि सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है। महिला पुलिस घर के अंदर ही डेरा डालकर परिवार की पूरी गतिविधियों को परख रही है। गांव के हर शख्स को इन परिवारों से दूर रखा गया है।
शनिवार को भी चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर अटेरना-सलावा रोड बंद रहा। सुनीता हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस सोमवार आज न्यायालय में पारस को रिमांड पर लेने को आवेदन करेगी। अब तक की जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की जाएगी।
5 जनवरी को मुजफ्फरनगर निवासी सोनू उर्फ रोहित कश्यप अपनी मौसी के यहां ज्वालागढ़ आ रहा था। इसी दौरान नाबालिग टेम्पो चालक ने उसकी ईंट से कूचकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इसके अलावा 8 जनवरी सुबह गांव कपसाड़ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की फरसे से हत्या कर उसकी बेटी रूबी का अपहरण कर लिया था। दोनों घटनाओं में आरोपित पक्ष ठाकुर समाज का होने से जातीय तनाव बन गया था।
दोनों जातियों में संघर्ष की आशंका, पूरे मामले की राजनीतिक रूप लेने व विरोध-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दोनों गांवों में बाहरी लोगों का प्रवेश व ग्रामीणों का आवागमन बंद कर दिया है। गांव के हर रास्ते को बंद कर दिया गया है। अटेरना से सलावा तक चौ. चरण सिंह कांवड़ मार्ग भी दस दिन से पूरी तरह बंद है।
दोनों गांव में तनावपूर्ण शांति है। यह हालात पुलिस हटने के बाद भी कायम रहेंगे, इसे लेकर पुलिस अभी मुतमइन नहीं है। रविवार को भी किसी को गांव में आने-जाने नहीं जाने दिया गया। कुछ संगठनों के लोग आए, उन्हें सलावा व अटेरना पुल से ही वापस कर दिया गया।
कपसाड़ में सुनीता हत्याकांड व रूबी अपहरण कांड की जांच कर रहे सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि सोमवार को न्यायालय में अब तक की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएंगी।
आरोपित पारस का रिमांड लेने को भी प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। पुलिस अब हत्या में प्रयुक्त फरसा व अपहरण में प्रयुक्त तमंचा बरामद करने का प्रयास करेगी। उन्होंने बताया कि गांव में पीड़ित स्वजन से लगातार बातचीत की जा रही है। उनकी सुरक्षा के साथ ही दिक्कतों का भी समाधान कराया जा रहा है। |
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