सीबीआई का एक्शन। (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सीबीआई ने वित्तीय धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में दस साल से अधिक समय से फरार दो वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
तमन्ना चकमा उर्फ टैमी को 17 मई 2024 को 22 अन्य आरोपितों के साथ 14 साल पुराने एक मामले में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में एजेंसी ने मुआवजे के बिल के गबन की शिकायत के आधार पर असम के सिलचर स्थित एनपीसीसी लिमिटेड के तत्कालीन जोनल मैनेजर यूपी मिश्रा और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
12 सालों तक चला मुकदमा
यह मुकदमा लगभग 12 वर्षों तक चला। सीबीआई प्रवक्ता ने रविवार को एक बयान में कहा कि मुकदमे की कार्यवाही के दौरान आरोपित तमन्ना चकमा अदालत में पेश नहीं हुई, इसलिए निचली अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
सीबीआई की शिलांग टीम ने की कार्रवाई
जांच के दौरान प्राप्त सूचनाओं के आधार पर चकमा को शनिवार को सीबीआई की शिलांग टीम ने असम के गुवाहाटी के गीता नगर थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया। एक अन्य मामले में सीबीआइ ने रविवार को त्रिपुरा चिट फंड मामले में 13 वर्षों से वांछित भगोड़े तपन प्रमाणिक को गिरफ्तार कर लिया।
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