सिविल लाइंस थाना पुलिस की गिरफ्त में आरोपित। सौ. पीआरओ
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। होटल में ठहरने, टोल टैक्स बचाने और लोगों में रौब जमाने के लिए एक ई-रिक्शा चालक फर्जी पुलिस कर्मी बन गया। उसने एसपीओ पद की फर्जी आइडी बनवाई और दिल्ली से एसआइ की वर्दी सिलवाई।
गुरुग्राम के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के एक होटल में ठहरने के दौरान मैनेजर को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। थाना पुलिस ने आरोपित को शनिवार रात होटल से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ करने पर हुआ खुलासा
थाना पुलिस के मुताबिक सिविल लाइंस स्थित शुभम होटल के मैनेजर ने आरोपित के खिलाफ केस दर्ज कराया। मैनेजर ने बताया कि एक व्यक्ति हरियाणा पुलिस के उप-निरीक्षक (एसआइ) की वर्दी पहनकर होटल के रिसेप्शन पर आया और ठहरने के लिए कमरा लिया। होटल स्टाफ ने जब पहचान पत्र मांगा तो उसने आधार कार्ड दिया।
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कुछ समय बाद व्यक्ति दोबारा होटल में आया और कमरे के संबंध में अनावश्यक पूछताछ करने लगा, जिससे होटल मैनेजर को संदेह हुआ। पूछताछ करने पर वह व्यक्ति घबरा गया और उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन होटल स्टाफ की सहायता से उसे पकड़ लिया गया।
टोल टैक्स बचाने के लिए बना SI
पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह कोई पुलिस अधिकारी नहीं है, बल्कि शौकिया तौर पर वर्दी पहनकर आमजन को डराने व रौब दिखाने के उद्देश्य से पुलिसवाला बना है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान झज्जर के कासनी गांव के रहने वाले मुकेश के रूप में की गई।
आरोपित से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह राजस्थान के खाटू शहर में किराए पर ई-रिक्शा चलाता है। झज्जर से खाटू इसका आना-जाना रहता है।
इस दौरान इसे बार बार टोल टैक्स देना पड़ता था तो टोल टैक्स से बचने व आमजन में पुलिस अधिकारी का झूठा प्रभाव दिखाने के लिए इसने झज्जर में किसी व्यक्ति से 500 रुपये में स्पेशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) का एक आइडी कार्ड बनवाया तथा दिल्ली के झाड़ौदा कलां से इसने 2200 रुपये में हरियाणा पुलिस के उप-निरीक्षक की पुलिस वर्दी सिलवाई थी।
पुलिस ने आरोपित के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसपीओ का फर्जी आइडी कार्ड व उप-निरीक्षक पद की एक पुलिस वर्दी बरामद की है।
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