बिजली और परिवहन विभागों में सुधारों के लिए जाने जाएंगे शत्रुजीत कपूर। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक रह चुके शत्रुजीत कपूर को राज्य में बिजली सुधारों के लिए भी जाना जाएगा। अभी तक उनके बारे में सिर्फ यही कहा जाता रहा है कि एंटी करप्शन ब्यूरो के महानिदेशक पद पर रहते हुए शत्रुजीत कपूर ने भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों को निशाने पर लिया, लेकिन राज्य सरकार ने जब उन्हें पुलिस की बजाय सिविल विभागों में कार्यदायित्व सौंपा तो कपूर पर उस पर पूरी तरह से खरा उतरे।
बिजली कंपनियों के चेयरमैन रहते हुए शत्रुजीत कपूर ने राज्य के करीब पांच हजार गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंचाने के सरकार के मिशन को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई है। 1990 बैच के आइपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर को अब भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के महानिदेशक का बड़ा दायित्व मिला है। 31 अक्टूबर 2026 को इसी साल कपूर की रिटायरमेंट है।
हरियाणा के आइपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में नाम आने की वजह से कपूर को पुलिस महानिदेशक पद से अलग होना पड़ा। सरकार के कहने पर वह दो माह के अवकाश पर चले गए थे।
वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में मुख्य सचिव व डीजीपी समेत 15 आइएएस व आइपीएस अधिकारियों के नाम शामिल थे, लेकिन इस पूरे प्रकरण को जिस तरह से जातिवादी रंग प्रदान किया गया, उससे शत्रुजीत कपूर व करनाल के मौजूदा एसपी नरेंद्र बिजरानिया को विरोध झेलना पड़ा।
शत्रुजीत कपूर की गिनती राज्य के कड़क और जिम्मेदार अधिकारियों में होती है। वह हमेशा उन अधिकारियों के निशाने पर रहे, जो कहीं न कहीं भ्रष्टाचार में फंसे थे। सरकार के सामने मुश्किल यह थी कि अगर भ्रष्टाचार में शामिल सभी अधिकारियों का कांटा निकाल दिया गया तो फिर व्यवस्था कैसे चलेगी। ऐसे में अधिक भ्रष्ट अधिकारियों के प्रति कोई रियायत नहीं बरती गई।
कुछ अधिकारी तो पहले हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट गये, जहां उनके विरुद्ध एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई को सही ठहराया गया। कपूर को गैर पुलिसिंग के कार्यों की जिम्मेदारी पहली बार तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सौंपी थी।
कपूर मूल रूप से जींद के रहने वाले हैं और राज्य में दो साल से अधिक समय तक पुलिस महानिदेशक रहे हैं। कपूर के छुट्टी से लौटने के बाद उन्हें हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया।
हरियाणा की बिजली कंपनियों के चेयरमैन के रूप में शत्रुजीत कपूर ने जब काम संभाला था, उस समय राज्य के सिर्फ 105 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जाती थी, लेकिन कपूर ने इसे 5300 गांवों तक पहुंचाने का बड़ा काम किया। आज छह हजार गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंच रही है। उनके कार्यकाल में लगातार साढ़े चार साल तक बिजली विभाग हर साल चार से सौ साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये के लाभ में पहुंचा।
पंजाब में 20 हजार, हरियाणा में छह हजार करोड़ बिजली सब्सिडी
किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी पहले हर साल 11 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ती थी, लेकिन शत्रुजीत कपूर ने लाइन लास कम कर, बिजली की चोरी रुकवाकर तथा सस्ती बिजली खरीदकर इस सब्सिडी को सिर्फ छह हजार करोड़ रुपये पर टिकाए रखा, जबकि पंजाब में करीब 20 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी इस क्षेत्र में जाती है।
परिवहन विभाग में सेवाएं देते हुए कपूर ने ई-टिकटिंग व हैप्पी कार्ड की योजना को मूर्त रूप प्रदान किया है। आइटीबीपी प्रमुख के तौर पर शत्रुजीत कपूर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच तैनात हिमवीरों का नेतृत्व करेंगे।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास और सीमा की चौकसी को और अधिक सुदृढ़ करना उनके कार्यकाल की मुख्य प्राथमिकताएं होंगी। |
|