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मधुबनी में तेंदुआ और हिरण की खाल के पीछे बड़ी चाल, सफेदपोशों का काला कारोबार उजागर

cy520520 2026-1-18 17:56:35 views 1102
  

चितल एवं तेंदुआ का जब्त खाल । सौजन्य (डीएफओ दरभंगा)



संवाद सहयोगी, झंझारपुर (मधुबनी) । Leopard Skin Seizure : मधुबनी जिले के झंझारपुर में वन विभाग ने गोपनीय ढंग से बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में सफेदपोश लोगों का चेहरा सामने आया है जो वन्य प्राणी के खाल की अवैध तश्करी में लगे हुए थे और अवैध कमाई कर रहे थे। यह कार्रवाई शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे की गई।

झंझारपुर आर एस थाना से सटे पथराही टोला पर पूर्व मंत्री दिवंगत रूपनारायण झा के पुत्र पंकज कुमार झा के आवास के सामने उनकी बैठकी में चार लोगाें को चित्तल एक प्रकार की हरीण के दो खाल एवं तेंदुआ के एक खाल की खरीद फरोख्त करते वन विभाग की टीम ने धड़ दबोचा। खाल को जब्त कर लिया गया।

गिरफ्तार तस्करों में झंझारपुर आर एस थाना के पथराही निवासी पूर्व मंत्री दिवंगत रूपनारायण झा के पुत्र पंकज कुमार झा, लखनौर थाना के रहिका गांव निवासी स्व. अरूण कुमार झा के पुत्र अजय कुमार झा, मुजफ्फरपुर जिला के ब्रह्मपुरा थाना के राहुलपुर रोड नं. 03 इंडियन गैस गोदाम के पास के निवासी स्व. यदुनंदन प्रसाद के पुत्र धीरज कुमार श्रीवास्तव एवं पूर्वी चंपारण जिला के फैनारा थाना के कुम्हरार निवासी ब्रजेन्द्र सिंह के पुत्र चंदन कुमार सिंह है। सभी को गिरफ्तार कर वन विभाग की टीम वन प्रक्षेत्र दरभंगा ले गई। जहां सबों से बारी बारी से पूछताछ की गई और पूछताछ आन पेपर रिकार्ड किया गया।
क्या जब्त की टीम

जब छापामारी की कार्रवाई की गई तो एक बैग में खरीद फरोख्त के लिए रखे गए चितल एक प्रकार की हरिण की दो खाल मिली। जिसमें से एक की लंबाई 104 सेंटीमीटर और चौड़ाई 96 सेंटीमीटर थी। फाण्ट साईड का पैर का खाल 120 से.मी. और बैक साईड लेग का खाल 125 सेंटीमीटर पाया गया।

दूसरे चितल की खाल आधी थी।सभी लेंथ मिलाकर इसकी कुल 101 सेंटीमीटर पाई गई। तेंदुआ की खाल पूरी थी। मतलब यह कि पैर से लेकर मूंह तक। पूरी बाडी की लंबाई कुल 139 सेंटीमीटर पाई गई। तस्करों के पास से पुलिस ने कुल पांच विभिन्न मोबाईल जब्त की है।
कहां हुआ केस

वनों के क्षेत्र पदाधिकारी झंझारपुर ने इस मामले में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में अपने पत्रांक 66 दिनांक 18 जनवरी 2026 के माध्यम से पत्र देकर मामला दर्ज करवाया है। इसमें वन्यप्राणी को वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम संशोधन 2022 के अनुसूची 01 के अन्तर्गत दर्ज कराई है।

जिसमें वन्यप्राणी का अवैध शिकार करना एंव अवैध तरीके से अपने पास रखना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 संशोधित 2022 की धारा 02, 09, 39, 44 एवं 49 बी का उल्लंघर है। जब्त की कार्रवाई 1972 की धारा 50 के अधीन किया गया है। जानकारी है कि यह अपराध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1072 संशोधन 2022 की धारा 51 के तहत संज्ञेय एवं दंडनीय अपराध है।
यह खाल कहां से लाए थे

डीएफओ दरभंगा भास्कर चन्द्र भारती को दिए लिखित बयान में गिरफ्तार रहिका गांव निवासी तस्कर अजय कुमार झा से जब पूछा गया कि आप खाल कहां से लाए थे तो उसका उत्तर था कि धीरज श्रीवास्तव के साथ तपन एवं चंदन सिंह आए थे। यह खाल गुड्डू के द्वारा धीरज श्रीवास्त को दिया गया था। उसने कहा कि मेरे द्वारा गुड्डू भैया एवं धीरज का एक मीटिंग करवाया गया।

मेरे द्वारा धीरज को खाल का फोटो भेजा गया था। अजय ने यह भी स्वीकारा कि धीरज श्रीवास्तव को वह 2020 से जानता है। कई बार कई कार्यों की डिलिंग धीरज के साथ अजय कुमार झा ने स्वीकार किया है। यह भी कहा कि संदीप बोले कि हिरण के खाल की व्यवस्था करो। इसके लिए उसने धीरज से संपर्क किया था। इसके बदले अजय को तीस हजार रुपया मिलना था।

पूर्व मंत्री रूपनाराण झा के पुत्र पंकज कुमार झा ने अपने स्वीकोरोक्ति बयान में कहा है कि अजय कुमार झा उनके गांव के बगल के हैं। वे दिल्ली में रहते हैं। अजय जी वायुयान से दिल्ली से आए थे और मेरे घर पर मिलने के लिए चार आदमी के साथ आए थे। वो लोग बैग में क्या रखे थे इसकी जानकारी मुझे नहीं थी।

इसी बीच कई लोग मेरे घर पर छापामारी को आ गए। हालांकि उन्होने स्वीकार किया कि राकेश रंजन उर्फ गुड्डू खाल लेकर आए थे। ये उन्हीं का सामान है। हलांकि राकेश रंजन उर्फ गुड्डु एवं तपन के जिन दो नामों का जिक्र हुआ है उसके पता की जानकारी नहीं मिल पाई है। विभाग पूरी गोपनीयता बरत रही है। संभव है कि बड़े और अन्तरराज्यीय स्तर पर तस्कर गिरोहा का भंडाफोड़ निकट भविष्य में वन विभाग कर सकता है।
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