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एनआईटी के बाहर छात्रों से लूटपाट का मामला।
संवाद सहयोगी, जालंधर। शुक्रवार को एनआईटी में 21वें दीक्षा समारोह के दौरान राष्ट्रपति के आगमन को लेकर आसपास रूट पर करीब दो हजार पुलिस कर्मी तैनात थे। इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बेखौफ लुटेरे एनआईटी के बाहर छात्रों से लूटकर आसानी से फरार हो गए।
फिलहाल 24 घंटे बाद भी लुटेरे पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। पुलिस की मौजूदगी के बीच हुई लूट ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। पुलिस का दावा है कि उनके पास अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली।
वारदात के बाद दोनों छात्र मकसूदां थाने में शिकायत देने गए थे। उन्हें यह कहकर लौटाया गया कि सभी वीआइपी ड्यूटी में व्यस्त हैं। उसके बाद दोनों छात्र वापस कालेज आ गए। अतिरिक्त थाना प्रभारी रजिंदर कुमार का कहना है कि पीड़ित शिकायत देने के लिए थाने में नहीं आए। फिर भी बनती कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि शुक्रवार दोपहर एनआईटी कालेज में डिग्री लेने आए दो छात्रों से लुटेरों ने दो मोबाइल और सोने-चांदी के गहने लूट ले गए थे। पीड़ित छात्र गाजियाबाद के रहने वाले तुषार और राजस्थान की इशिका ने बताया कि वे एनआईटी के मेन गेट के सामने बने फ्लाईओवर से सड़क पार कर रहे थे कि इसी दौरान तीन नकाबपोशों ने उन्हें घेर लिया था।
लुटेरों के पास लोहे की राड और बंदूक थी। लुटेरों ने तुषार के पेट पर बंदूक तानकर उससे आइफोन, चांदी की अंगूठी और चांदी का कड़ा लूट लिया था। वहीं, छात्रा इशिका को डराकर मोबाइल, पर्स से पांच हजार रुपये नकदी, कानों की बालियां और सोने की चेन भी छीन ली थी।
वारदात के बाद तीनों आरोपित बाइक पर सवार होकर फरार हो गए थे। वारदात के बाद पीड़ित मकसूदां थाने में गए, लेकिन उन्हें कहा गया कि फोर्स वीवीआइपी ड्यूटी में व्यस्त थी, जिसके बाद वे वापस कालेज में आ गए थे, जहां उन्होंने पुलिस की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए थे।
आसपास के हो सकते हैं लुटेरे
बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एनआईटी के आने के कारण पुलिस ने एनआईटी के रूट सहित आसपास के इलाकों में दो हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया था। फिर भी लुटेरों ने वारदात कर पुलिस को एक हिसाब से चुनौती दी है। वारदात के बाद चोर आसानी से भागने में कामयाब हो गए।
अंदाजा लगाया जा रहा है कि लुटेरे आसपास की ही होंगे, क्योंकि उन्हें पता था कि पुलिस किन-किन जगहों पर तैनात है और बचकर निकलने का कौनसा रास्ता है। हैरानी की बात है कि 24 घंटे के बीत जाने के बाद भी पुलिस शिकायत का इंतजार कर रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
राष्ट्रपति के आने के लिए पुलिस ने जगह-जगह पर कड़ी नाकेबंदी की थी। आने-जाने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ की जा रही थी। ऐसे में नकाबपोश लुटेरे एनआईटी के बाहर हथियारों के साथ पहुंच जाते हैं और लूट को अंजाम देते हैं। यह पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। |
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