तेजस्वी यादव(फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, पटना। अपने बयानों से तेजस्वी यादव एक बार फिर उसी तरह आक्रामक हो गए हैं, जैसा कि वे विधानसभा चुनाव के पहले हुआ करते थे। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आपराधिक चुप्पी साधने के साथ अत्याचार को सत्ता संपोषित होने का आरोप लगा रहे।
रविवार को बयान जारी कर कहा कि एक दिन जनता ही दिखा-बता देगी कि अत्याचार के विरुद्ध लड़ाई कैसे लड़ी जाती है! उन्होंने नई सरकार को वोट खरीद का प्रतिफल बताया और उस पर आधी आबादी पर जुल्म ढाने का आरोप लगाया।
कहा कि सत्ता संपोषित अत्याचार होने के कारण सरकार के कर्ता-धर्ता रोंगटे खड़े करने वाली इन वीभत्स घटनाओं पर मौन धारण कर महात्मा बनने का स्वांग रच रहे हैं।
बढ़ते अपराध को लेकर सरकार को घेरा
तेजस्वी ने कहा कि मधेपुरा में सामूहिक दुष्कर्म के बाद विधवा की हत्या, खगड़िया में चार वर्षीया बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म व हत्या, पटना में जहानाबाद की नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म, क्रूरतापूर्ण हत्या पर लीपापोती दर्शाती है कि यह सरकार निर्मम, क्रूर और अमानवीय हो चुकी है।
वे पुलिस पर आतिथ्य-सत्कार के साथ दुष्कर्मियों को सम्मानित-सुरक्षित करने और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगा रहे। पटना और खगड़िया में पिटाई के बाद राजद कार्यकर्ताओं पर मुकदमा करने को उन्होंने लोकतंत्र का गला घोंटने का उपक्रम बताया। कहा कि बिहार की विधि-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। |