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Gorakhpur Book Fair: आखिरी दिन उमड़ी भीड़, पाठकों ने दिल खोलकर खरीदीं मनपसंद किताबें

LHC0088 2026-1-18 13:27:55 views 1252
  

चम्पा देवी पार्क में आयोजित गोरखपुर महोत्सव मेला के अंतिम दिन विभिन्न तरह के लगें स्टालों पर खरीदारी करने के लिए उमड़ी भीड़। जागरण



जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव के अंतर्गत चंपा देवी पार्क में आयोजित सात दिवसीय गोरखपुर पुस्तक मेले का शनिवार को समापन हो गया। आखिरी दिन साहित्य प्रेमियों और पुस्तक प्रेमियों का ऐसा हुजूम उमड़ा कि मेले में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। पाठकों के बीच अपनी मनपसंद किताबों को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखा। विशेष बात यह रही कि कई पाठक उन दुर्लभ पुस्तकों को भी खोज निकालने में सफल रहे, जिन्हें वे लंबे समय से आनलाइन प्लेटफार्म पर तलाश रहे थे। मेले में आकर्षक छूट ने पाठकों के आनंद को दोगुणा कर दिया।

पुस्तक मेले में इस बार हर आयु वर्ग के पाठकों की सक्रिय भागीदारी रही। जहां वरिष्ठ पाठकों और गंभीर साहित्य प्रेमियों ने मुंशी प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, श्रीलाल शुक्ल राग दरबारी और रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृतियों को प्राथमिकता दी, वहीं युवाओं में समकालीन लेखकों और फिक्शन के प्रति जबरदस्त क्रेज देखने को मिला।

जागती पब्लिकेशन के रंजन कुमार के अनुसार, नए लेखकों में गीतांजलि श्री की अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज विजेता रेत समाधि और पीयूष मिश्रा की तुम्हारी औकात क्या है युवाओं की पहली पसंद रही। उनके स्टाल से 500 से अधिक पुस्तकें बिकीं। वहीं, दिनकर पुस्तकालय की नयन झा ने बताया कि उनके यहाँ अक्टूबर जंक्शन को पाठकों ने हाथों-हाथ लिया और कुल 600 किताबों की बिक्री हुई।

सर्व भाषा ट्रस्ट के लालचंद ने बताया कि उनके स्टाल पर भोजपुरी साहित्य की किताबों ने पाठकों को खूब आकर्षित किया, जहाँ करीब 400 किताबें बिकीं। जनचेतना के धर्मराज के मुताबिक, शहीद भगत सिंह के विचारों पर आधारित पुस्तक विचारों की सान पर की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की गई। इसके अलावा पाकेट डिक्शनरी, मोटिवेशनल बुक्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों की भी जमकर खरीदारी हुई।

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एग्जाम वारियर्स की रही भारी मांग
नेशनल बुक ट्रस्ट के स्टाल संचालक नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार पाठकों की पसंद में काफी विविधता रही। क्लासिक साहित्य में राग दरबारी, मैला आंचल और रश्मिरथी की सर्वाधिक मांग रही। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक एग्जाम वारियर्स की इतनी अधिक डिमांड रही कि एक भी कापी शेष नहीं बची। एनबीटी के स्टाल से विभिन्न लेखकों की लगभग 800 किताबें बिकीं हैं।
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