जागरण संवाददाता, लखनऊ। हनुमंतपुर गांव की बुजुर्ग महिला जिलाधिकारी विशाख जी के सामने फफक कर रो पड़ी। महिला का आरोप था कि उसके पोते की जमीन गांव के दबंग प्रापर्टी डीलर कब्जा कर रहे हैं। थाने में शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
जिलाधिकारी ने तहसीलदार को जांच करने के साथ दोषी पाए जाने पर कारवाई के निर्देश दिए। बीकेटी तहसील के सभागार में जिलाधिकारी, सीडीओ अजय जैन, एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह और एसडीएम साहिल कुमार सुनवाई कर रहे थे।
इसी दौरान हनुमंतपुर गांव की बुजुर्ग महिला महेंदा और उसके पौत्र ने जिलाधिकारी से शिकायत की गाटा संख्या 75,07,189,4ग, उनके पौत्र बुद्ध प्रकाश को चाचा के निधन के बाद वरासतन प्राप्त हुई। पौत्र के नाबालिग होने की वजह से वह उसमें संरक्षक है। पौत्र की जमीन को गांव के प्रापर्टी डीलर पोल लगाकर कब्जा कर रहे हैं।
इस जमीन पर कब्जेदारी को लेकर पुलिस उपायक्त/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। शिकायत करने के बाद बुजुर्ग महिला डीएम के सामने न्याय की गुहार लगाते हुए रोने लगी। डीएम ने तहसीलदार को जांच के निर्देश के साथ दोषी पाए जाने पर कारवाई के निर्देश दिए।
वहीं चंदनापुर निवासी गजेंद्र कुमार सिंह ने बेटी के जन्म प्रमाण पत्र पर गलत पता दर्ज करने पर सचिव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चंद्रिका देवी हास्पिटल में उनकी बेटी वैश्नवी का सात अगस्त को जन्म हुआ था।
जन्म प्रमाण पत्र के लिए अपना आधार कार्ड संलग्न कर आवेदन किया था। जन्म प्रमाण चार माह बाद मिला जिसमें गांव का पता नहीं डालकर बीकेटी गलत दर्ज कर दिया गया। अब बेटी का आधार बनवाने में परेशानी होगी। डीएम ने सचिव समद्र सेन को कड़ी फटकार लगाते हुए निलंबन की चेतावनी दी। |
|