search

आगरा की डेयरी पर सर्च, भोले बाबा ग्रुप का करोड़ों का नकद लेन-देन, रिटर्न में छिपा गए बहुत से लेन-देन

deltin33 2026-1-17 22:26:40 views 744
  

आयकर भवन, संजय प्लेस।  



जागरण संवाददता, आगरा। भोले बाबा ग्रुप और उससे लिंक कारोबारियों के यहां आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा की सर्च शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। विभाग को करोड़ों रुपये के नकद लेन-देन के साक्ष्य हाथ लगे हैं। कच्चे कागजों पर किए गए लेन-देन का उल्लेख रिटर्न में नहीं किया गया है। करोड़ों रुपये का निवेश संपत्ति में किया गया है।

अघोषित संपत्ति की भी जानकारी मिली है। विभाग ने डेरी कारोबारियों के यहां से सैंपल जांच को लिए हैं। विभाग एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का करापवंचन मिलने की आशंका जता रहा है। इसका सही आंकड़ा विभागीय अधिकारियों द्वारा अभिलेखों की स्क्रूटनी के बाद सामने आएगा।

आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा, कानपुर के प्रधान निदेशक अजय कुमार शर्मा के निर्देशन और अपर निदेशक अन्वेषण, आगरा पीयूष कोठारी के नेतृत्व में भोले बाबा ग्रुप और भोले बाबा मिल्क फूड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के यहां गुरुवार सुबह सर्च शुरू की गई थी।

दोनों ग्रुपों से लिंक मिलने पर दाऊजी मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड दौसा, पोद्दार मिल्क प्राइवेट लिमिटेड सिरसागंज, मालानी डेरी प्रोडक्ट जोधपुर और बीकानेर के आशीष अग्रवाल के यहां भी सर्च शुरू की गई थी। आयकर विभाग की 150 लोगों की टीमें डेरी कारोबारियों के उप्र, राजस्थान, दिल्ली के ठिकानों पर शनिवार को सर्च में जुटी रहीं।

नेहरू नगर, कमला नगर, सूर्य नगर, शमसाबाद रोड, कलक्ट्रेट रोड, बाइपास के अलावा दिल्ली, नोएडा, कानपुर, अलीगढ़, सिरसागंज, बीकानेर, दौसा, भरतपुर, जोधपुर, धौलपुर स्थित 35 ठिकानों पर की गई सर्च में बड़ी संख्या में जमीनों में किए गए निवेश के कागज विभाग को मिले हैं।

विभाग को ऐसे लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे बड़ी नकदी इधर से उधर की गई है। भोले बाबा ग्रुप, भोले बाबा मिल्क फूड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, दाऊजी मिल्क फूड प्राइवेट लिमिटेड दौसा, पोद्दार मिल्क प्राइवेट लिमिटेड सिरसागंज, मालानी डेरी प्रोडक्ट जोधपुर और बीकानेर के आशीष अग्रवाल को यह नकदी खरीदारों ने एडवांस के रूप में दी है।

इस राशि से किए गए सौदों का उल्लेख लेखा पुस्तकों में नहीं मिला । कुछ सौदे 50 लाख रुपये या इससे अधिक राशि के हैं। करोड़ों की यह नकदी बाद में निवेश की गई है। कच्चे कागजों पर किए गए अन्य लेन-देन का उल्लेख भी लेखा पुस्तकों में नहीं किया गया है।

जांच टीम में उपनिदेशक अन्वेषण आगरा हार्दिक अग्रवाल, आयकर अधिकारी तरुण सिंह सैनी, हर्षवर्धन, संजीव कुमार, सोहनलाल, रंजन सैनी शामिल रहे।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
477666