डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। ग्वालियर–चंबल संभाग में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का संगठित घोटाला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने नगर निगम ग्वालियर की जन्म-मृत्यु शाखा के तत्कालीन कर्मचारियों और बैंक ऑफ इंडिया, श्योपुर के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने जीवित व्यक्तियों को मृत बताकर कूटरचित मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए, जिनके आधार पर उन्होंने बीमा राशि निकालकर शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
एफआईआर में नामजद
आरोपितों में दीपमाला मिश्रा, जिगनेश प्रजापति, नवीन मित्तल और पूजा कुमारी शामिल हैं। इनके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, श्योपुर के संबंधित अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं।
क्लेम भुगतान और जांच
जांच के अनुसार जनवरी 2020 से दिसंबर 2024 के बीच ग्वालियर–चंबल संभाग में आठ बीमा कंपनियों, जिनमें एलआईसी ऑफ इंडिया, न्यू इंडिया इंश्योरेंस, एसबीआई लाइफ, एक्सिस मैक्स और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल शामिल हैं, द्वारा क्लेम भुगतान किया गया। ईओडब्ल्यू ने शिकायतों के आधार पर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
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क्या है पीएम जीवन ज्योति योजना
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को आकस्मिक या प्राकृतिक मृत्यु पर मात्र 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर दो लाख रुपये तक की बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। योजना के पात्र 18 से 50 वर्ष के व्यक्ति हैं, जिन्हें बैंकों या ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होता है। बीमाधारक की मृत्यु होने पर बीमा राशि का भुगतान नामिनी के खाते में किया जाता है। |