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सिवनी मेडिकल कॉलेज के नाम पर दो लोगों से 4.66 करोड़ की ठगी, EOW ने दर्ज किया प्रकरण, आरोपी फरार

LHC0088 2026-1-17 17:26:57 views 645
  



डिजिटल डेस्क, जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिवनी के नाम का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस प्रकरण में सिवनी निवासी स्पर्श उर्फ अंकुर अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।

ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने मेडिकल कॉलेज में दुकानों की नीलामी और विद्यार्थियों की मेस में सप्लाई दिलाने का झूठा भरोसा देकर दो लोगों से कुल 4 करोड़ 66 लाख 68 हजार रुपये की संगठित आर्थिक धोखाधड़ी की।
दो शिकायतों के बाद खुला मामला

ईओडब्ल्यू को 25 सितंबर 2025 को नेहरू रोड निवासी सुयश अग्रवाल और रामकुमार सुहाने से दो अलग-अलग शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्पर्श उर्फ अंकुर अग्रवाल ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सिवनी के नाम और प्रतिष्ठा का गलत इस्तेमाल कर उनसे बड़ी रकम ऐंठ ली।

शिकायतों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने तथ्यों, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की। जांच और साक्ष्य संकलन के बाद प्रथम दृष्टया यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से सुयश अग्रवाल से 4 करोड़ 21 लाख 65 हजार रुपये और रामकुमार सुहाने से 45 लाख 3 हजार रुपये, इस प्रकार कुल 4 करोड़ 66 लाख 68 हजार रुपये की धोखाधड़ी की।

इन तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डीन से जान-पहचान का झांसा देकर जीता भरोसा

ईओडब्ल्यू की विवेचना में सामने आया है कि अनाज व्यापारी सुयश अग्रवाल और होटल व्यवसायी रामकुमार सुहाने आरोपी को पहले से जानते थे। वर्ष 2024 से संचालित शासकीय मेडिकल कॉलेज सिवनी में विद्यार्थियों की मेस व्यवस्था किसी आधिकारिक निविदा प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि विद्यार्थियों द्वारा स्वयं सहकारी आधार पर संचालित की जाती है।

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इसी व्यवस्था का फायदा उठाते हुए आरोपी ने “फूड सप्लाई” के नाम पर कॉलेज में आना-जाना शुरू किया और रामकुमार सुहाने के होटल से अस्थायी रूप से मेस में सप्लाई शुरू करवाई। धीरे-धीरे उसने कॉलेज से जुड़े लोगों के बीच अपनी पहुंच दिखाकर रामकुमार सुहाने का भरोसा जीत लिया और नियमित सप्लाई का आश्वासन दिया।

इसके बाद आरोपी ने सुयश अग्रवाल को भी यह कहकर झांसे में लिया कि वह कॉलेज प्रशासन से अधिकृत है, डीन से उसकी सीधी जान-पहचान है और जल्द ही कॉलेज परिसर में दुकानों की नीलामी होने वाली है, जिसमें वह उन्हें दुकान दिलवा देगा।

ईओडब्ल्यू का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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