बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के कुलपति और अन्य।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर ने पोषण सुरक्षा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए श्रीअन्न (मिलेट) आधारित वेज टिफिन बाक्स नूडल्स को शुक्रवार को औपचारिक रूप से लांच किया। यह नवाचार खाद्य विज्ञान एवं फसलोपरांत (पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट) प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विकसित किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे बच्चों, विद्यार्थियों और कार्यरत वर्ग के लिए स्वास्थ्यप्रद टिफिन विकल्प बताया।
खाद्य विज्ञान एवं फसलोपरांत प्रौद्योगिकी विभाग ने विकसित किया है यह नवाचार
कार्यक्रम में कुलपति डा. डी.आर. सिंह के नेतृत्व में उत्पाद का विमोचन किया गया। इस अवसर पर न्यूट्री मिलेट वेजी टिफिन बाक्स भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें मिलेट नूडल्स का पैकेट, निर्जलित सब्जियों का मिश्रण, मसाला पैकेट और कटलरी शामिल है जो इसे सुविधाजनक और संपूर्ण आहार बनाता है ।
पोषण में समृद्ध, सेहत के अनुकूल
बीएयू के विज्ञानियों के अनुसार, इन नूडल्स में 60 प्रतिशत मिलेट का उपयोग किया गया है और इन्हें साबुत मिलेट व गेहूं के आटे के संतुलित मिश्रण से तैयार किया गया है। इसमें कोलेस्ट्राल शून्य, लगभग 11 प्रतिशत प्रोटीन, 9 प्रतिशत आहार फाइबर तथा रंग-बिरंगी पांच प्रकार की सब्जियों का मिश्रण शामिल है। पोषण संवर्धन के लिए 5 प्रतिशत मशरूम पाउडर का प्रयोग किया गया है। खास बात यह है कि यह उत्पाद बेक्ड विधि से तैयार किया गया है और इसमें किसी भी प्रकार के संरक्षक, कृत्रिम रंग या फ्लेवर का उपयोग नहीं हुआ है ।
किसानों और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
विज्ञानियों ने बताया कि स्थानीय मिलेट्स के उपयोग से यह उत्पाद स्थानीय किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा। बीएयू के मिलेट कार्नर की तर्ज पर यह पहल सतत कृषि, पोषण सुरक्षा और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगी।
विद्यार्थियों और काम करने वालों के लिए स्वास्थ्यप्रद विकल्प बताया
कार्यक्रम के दौरान संवेदी मूल्यांकन पैनल ने स्वाद, रंग, बनावट और समग्र स्वीकार्यता के आधार पर उत्पाद की सराहना की और इसे विद्यालय स्तर तक पहुंचाने की सिफारिश की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संकेत दिया कि भविष्य में मिलेट आधारित और भी नवाचार बाजार में उतारे जाएंगे, जिससे आमजन को जंक फूड के स्वस्थ विकल्प मिल सकें।
सभी के लिए उपयोगी
पोषक तत्वों से भरपुर नूडल्स सभी के आहार में उपयोगी है। अस्पताल में रहने वाले रोगी हों, विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे हों या फिर किसी उम्र के लोग हों उनके लिए उपयोगी है। |