बुध गोचर 2026
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, संवाद और तर्क का कारक माना जाता है। 17 जनवरी 2026 को बुध देव शनि की राशि मकर में प्रवेश करने जा रहे हैं। शनि के प्रभाव वाली इस राशि में बुध की उपस्थिति बौद्धिक ऊर्जा में अनुशासन, गंभीरता और जवाबदेही को जोड़ती है। इस दौरान लोग जल्दबाजी के बजाय धैर्य और तर्क के साथ निर्णय लेना पसंद करेंगे। यह समय करियर की लंबी प्लानिंग, नए कौशल सीखने और अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखने के लिए अत्यंत अनुकूल है। आइए जानते हैं कि इस महत्वपूर्ण गोचर का मेष, वृषभ, मिथुन और कर्क राशि के जातकों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
मेष
बुध का मकर राशि में प्रवेश आपकी कुंडली के दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में होगा। यह गोचर आपके प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, करियर प्लानिंग और नेतृत्व की जिम्मेदारियों को और मजबूत बनाएगा। इस दौरान मेष राशि के लोग महत्वपूर्ण मीटिंग्स या समझौतों में शामिल हो सकते हैं। बुध की चौथे भाव पर दृष्टि घर-परिवार से जुड़ी चर्चाओं को भी सामने लाएगी। इस गोचर के दौरान आपको अपने काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने की जरूरत होगी।
उपाय: कार्यक्षेत्र में विनम्रता से बात करें। बुधवार के दिन “ॐ बुधाय नमः“ मंत्र का जाप करें।
वृषभ
मकर राशि में बुध का गोचर आपकी कुंडली के नौवें भाव (भाग्य और उच्च शिक्षा) में होने जा रहा है। यह समय आपकी उच्च शिक्षा, रणनीतिक सोच और दूरगामी लक्ष्यों के लिए बहुत अच्छा है। वृषभ राशि वालों को किसी गुरु या मेंटर की सलाह से बड़ा लाभ मिल सकता है। बुध की तीसरे भाव पर दृष्टि आपकी बातचीत के कौशल और साहस में इजाफा करेगी।
उपाय: शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करें। बुधवार को हरी वस्तुओं का दान करें।
मिथुन
बुध आपकी कुंडली के आठवें भाव (परिवर्तन और शोध) से गोचर करेगा। इस दौरान आपका ध्यान रिसर्च, आर्थिक योजना और जीवन में बड़े बदलावों पर रहेगा। मिथुन राशि के लोग संयुक्त वित्त या भावनात्मक मुद्दों पर गहराई से विचार कर सकते हैं। बुध की दूसरे भाव पर दृष्टि आपकी वाणी और बचत करने की क्षमता को प्रभावित करेगी।
उपाय: कड़वी या गुप्त बातें करने से बचें। पैसों की प्लानिंग बहुत सोच-समझकर करें।
कर्क
बुध का यह गोचर आपके सातवें भाव (साझेदारी और विवाह) को सक्रिय करेगा। यह समय पार्टनरशिप, कॉन्ट्रैक्ट और सार्वजनिक व्यवहार के लिए महत्वपूर्ण है। आपके पार्टनर के साथ कुछ जरूरी बातचीत हो सकती है। बुध की पहले भाव पर दृष्टि आपके सेल्फ-एक्सप्रेशन को तो बढ़ाएगी, लेकिन साथ ही आपकी भावुकता भी बढ़ सकती है।
उपाय: बातचीत के दौरान अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। गहरी सांस लेने का अभ्यास या ध्यान करें।
लेखक: श्री आनंद सागर पाठक (Astropatri.com)। अपनी राय या फीडबैक के लिए hello@astropatri.com पर लिखें। |