जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। विशेष निगरानी इकाई की छापेमारी व आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबित क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक विरेन्द्र नारायण के खिलाफ वृहत जांच होगी। आरोप की गंभीरता को देख निदेशक प्रशासन ने तीन माह के अंदर वृहत जांच की कार्रवाई पूरा करने का आदेश दिया है।
निलंबित तिरहुत प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के विरुद्ध प्रत्पानुपातिक धनार्जन एवं आय से अधिक संपत्ति पाये जाने का आरोप है। इसके अलावा पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्ट एवं गैर कानूनी तरीके से आपराधिक षड्यंत्र द्वारा प्रत्यानुपातिक धनार्जन करने, बिहार सरकारी सेवक आधार नियमावली के प्रावधानों के विपरीत कार्य करने के आरोप पाये गये हैं।
विशेष निगरानी इकाई पटना ने सितंबर महीने क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक वीरेन्द्र नारायण के कार्यालय, व कलमबाग रोड के आवास व अन्य स्थानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने आरडीडीई को 12 सितंबर से निलंबित कर दिया गया।
शिक्षा विभाग ने निलंबित आरडीडीई के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही को लेकर जवाब मांगा गया। उनके जवाब की समीक्षा के बाद अस्वीकृत करते हुए वृहत जांच का निर्णय लिया गया।
पूरे मामले की जांच शिक्षा विभाग के अपर सचिव विजय कुमार और जिला शिक्षा पदाधिकारी मुजफ्फरपुर करेंगे। निदेशक प्रशासन मनोरंजन कुमार ने संचालन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि तीन माह के अंदर अनुशासनिक कार्यवाही संपन्न करते जांच प्रतिवेदन देंगे। ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
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