मोहम्मद मुस्तफा, नूंह। मेवात जिले के महूं-तिगांव के पहाड़ की चोटी फिरोजपुर झिरका और पिनगवां के 80 गांवों की प्यास बुझाने के लिए करीब 263 करोड़ की लागत से बनाया गया पानी का टैंक पिछले करीब तीन साल से चालू है। लेकिन लापरवाह अधिकारियों की लापरवाही के चलते अभी भी इस टैंक के अंतर्गत आने वाले करीब आधा दर्जन गांव पानी की बाट जोह रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि उन्हें विभागीय अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। जबकि कागजों में समूचे 80 गांवों की प्यास बुझाई जा रही है। आरोप है कि कई साल से अधिकारी चैक करने की बात कहते आ रहे हैं, लेकिन धरातल की सुध नहीं ली जा रही है।
फकरुद्दीन समाजसेवी तिगांव, महबूब, कल्लू, खूबी, मल्हा, भुट्टू, शरीफ, जानू, आमीन ने बताया कि सरकार ने फिरोजपुर झिरका और पिनगवां ब्लाक के गांवों में पानी की किल्लत को देखते हुए महूं-तिगांव के पहाड़ में 263 करोड़ की लागत से करीब एक साल पहले पानी का टेंक बनवाया था।
इसके के द्वारा 80 गांवों को पीने का पानी देने का प्रावधान था। लेकिन गांव तिगांव, मोहमदबास उर्फ बूचाका, चांदड़ाका, साकरस, घटवासन, लटूरबास, लुहिंगा खुर्द, महूं, पापड़ी बास सहित कई गांवों में आज तक इस टैंक से पानी नहीं पहुंच पाया है। आरोप है कि अधिकारियों ने लीपा पोती करके सरकार की करोड़ों रुपये की परियोजना में खानापूर्ति की है।
लोगों का कहना है कि कहीं जल जीवन मिशन का कार्य अधूरा है तो कहीं सब कुछ होने के बाद भी पानी नहीं पहुंच रहा है। जब तक अधिकारी एक एक गांव को चिन्हित करके समस्या का समाधान नहीं कराएंगे तब तक यह परियोजना नियमित रूप से सिरे नहीं चढ़ सकती।
लगभग सभी गांवों में पानी पहुंच रहा है अगर किसी गांव में समस्या आ रही है तो उसका पता लगाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। - सूबे सिंह, एसडीईओ जन स्वास्थ्य विभाग फिरोजपुर झिरका |