कर्तव्य भवन या नॉर्थ ब्लॉक? इस बार कहां \“कैद\“ होंगे बजट बनाने वाले अधिकारी; कब होगी हलवा सेरेमनी? फोटो- एआई जेनरेटेड
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 अगले महीने की पहली तारीख को पेश किया जाएगा। वित्त मंत्रालय का पता बदल गया है। वित्त मंत्री सीतारमण और उनकी अधिकांश टीम सितंबर 2025 में नए पते पर पहुंच गई है, ऐसे में लाजमी है कि आपके मन में यह सवाल आए कि बजट कहां तैयार होगा, वित्त मंत्रालय के नए पते पर या पुराने पर? अपने सवाल का जवाब यहां पढ़ें ... वित्त मंत्रालय का पता भले ही बदल गया हो, लेकिन अत्यधिक गोपनीय बजट दस्तावेजों की छपाई पुरानी पते यानी नॉर्थ ब्लाक स्थित प्रेस में ही जारी रहेगी। वित्त मंत्री और उनकी अधिकांश टीम सितंबर 2025 में कर्तव्य भवन में स्थित आधुनिक केंद्रीय सचिवालय कार्यालय में स्थानांतरित हो गई। दरअसल, नए पते पर अभी तक कोई ऐसा प्रिंटिंग प्रेस नहीं है, जो सार्वजनिक नजरों से दूर हो। सूत्रों के अनुसार, बजट और संबंधित दस्तावेजों की छपाई नार्थ ब्लाक में एक समर्पित सरकारी प्रेस में की जाएगी।
1980 से पहले कहां होती थी बजट की छपाई? पहले, दस्तावेजों की छपाई राष्ट्रपति भवन में होती थी, लेकिन 1950 में दस्तावेजों के लीक होने के बाद इसे राष्ट्रीय राजधानी के मिंटो रोड पर एक प्रेस में स्थानांतरित किया गया। 1980 में इसे नॉर्थ ब्लाक में स्थानांतरित किया गया।
बजट पेश न होने तक दुनिया से कटे रहते हैं कर्मचारी देश के बजट की छपाई सबसे गुप्त ऑपरेशंस में एक है। केंद्रीय बजट से जुड़ी जानकारियां बेहद अहम होती हैं और इनके लीक होने से सरकार पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। विभिन्न बजट दस्तावेजों की कई सौ प्रतियों की छपाई एक विस्तृत कार्य है। ऐसे में प्रिंटिंग स्टाफ को नॉर्थ ब्लाक के बेसमेंट में स्थित प्रिंटिंग प्रेस के अंदर दो सप्ताह तक क्वारंटाइन रहना पड़ता है। इस दौरान कर्मचारी अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों से न तो मिल सकते न ही बात कर सकते हैं। प्रिंटिंग प्रेस में एक लैंडलाइन फोन होता है, जिसमें सिर्फ इनकमिंग की सुविधा होती है। इसके अलावा, गिने-चुने अधिकारियों के अलावा यहां किसी को आने की अनुमति नहीं होती है।
कब होगी हलवा सेरेमनी? केंद्रीय बजट से पहले पारंपरिक \“हलवा\“ सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। यह प्रिंटिंग प्रेस क्षेत्र में आयोजित होती है, इसी के साथ बजट दस्तावेजों की प्रिंटिंग की शुरुआत हो जाती है। इस बार हलवा सेरेमनी अगले सप्ताह होने की उम्मीद है।
बजट से पहले हलवा सेरेमनी क्यों की जाती है? भारतीय परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले मुंह मीठा कराने का चलन है। यही कारण है कि बजट बनाने की शुरुआत भी हलवा सेरेमनी की जाती है। इस अवसर पर वित्त मंत्री स्वयं प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को हलवा बांटकर प्रिंटिंग प्रक्रिया की शुरुआत करती हैं। यह भी पढ़ें- अमरावती जैसा मॉडल या कुछ और..कैसे सुधरेंगे शहर के हालात और बजट से जुड़ी 5 बड़ी मांगें क्या हैं? |
|