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प्राचार्य डॉ.सत्यजीत वर्मा
संवाद सूत्र, जागरण, अयोध्या : भ्रष्टाचार की शिकायतों पर रामनगरी अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ.सत्यजीत वर्मा को हटा दिया गया हैं। उन्हें अब महानिदेशालय से संबद्ध किया गया है।
मेडिकल कॉलेज के छह विभागाध्यक्षों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर प्राचार्य के खिलाफ कॉलेज में भ्रष्टाचार से जुड़े साक्ष्य सौंपे थे। प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा पर खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार के साथ करोड़ों रुपये की सरकारी मशीनों को ठप कर निजी को संचालित करने, एक ही प्रोफेसर डॉ. देवाजीत शर्मा को चिकित्सा अधीक्षक, विभागाध्यक्ष, सीसीएल इंचार्ज बनाने के साथ इसके अलावा क्रय समिति में न होने के बाद भी क्रय से संबंधित फाइलों पर दस्तखत \“कर भ्रष्टाचार करने के अलावा कई अन्य पदों का दायित्व देने की जानकारी दी गई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी में अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण आलोक कुमार, डॉ. सचिन कुमार व डॉ. श्रीश सिंह शामिल थे। टीम कुछ दिन पहले राजर्षि दशरथ मेडिकल कालेज में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने पहुंची थी।
टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपित फैकल्टी मेंबर जांच समिति का सामना करने से बचने के लिए छुट्टी पर चले गए थे। वहीं समिति ने आरोपी प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा और शिकायतकर्ता डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. पारस खरबंदा, डॉ. डीके सिंह, डॉ. अंजू सिंह, डॉ. स्नेहांशु शुक्ल व डॉ.प्रतिभा गुप्ता का बयान दर्ज कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। वहीं लोकायुक्त की तरफ से भी मेडिकल कालेज में भ्रष्टाचार की जांच कराने का निर्देश दिया गया है।
अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने पर गुरुवार को डा. सत्यजीत वर्मा को शिकायतों की जांच प्रचलित होने के दृष्टिगत अंतिम निर्णय आने तक महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। वहीं अब राजकीय मेडिकल कालेज कन्नौज में तैनात कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश सिंह मार्तोलिया को प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। |
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