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प्रतीकात्मक तस्वीर
धर्मेश अवस्थी, जागरण लखनऊ। राजधानी व अन्य क्षेत्रों में वाहनों की ओवरस्पीडिंग व खतरनाक ओवरटेकिंग की वजह से सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। शनिवार रात लोहिया चौराहे के पास डिवाइडर से टकराकर कार पलटने से मौत हो चुकी है।
सड़क हादसे रोकने के लिए अब तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी के लिए इंटरसेप्टर वाहन तैनात होंगे। वाहन की रफ्तार अधिक मिलने पर दो हजार रुपये का चालान होने के साथ ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित होगा।
फरवरी 2025 में सड़क सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक में बताया गया कि 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में 40 प्रतिशत हादसे वाहनों की ओवर स्पीड के कारण हुए थे। 2023 में ओवर स्पीड वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या का आंकड़ा बढ़कर 49 प्रतिशत हो गया।
इस पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने राजधानी में आरटीओ व एआरटीओ प्रवर्तन और यात्री कर अधिकारियों को पांच इंटरसेप्टर वाहन सौंपे हैं, इसके माध्यम से ओवरस्पीड में चलने वाले वाहनों का चालान होगा।
स्कॉर्पियो को ही इंटरसेप्टर के रूप में तैयार किया गया है, जिसे कैमरे व स्पीड गन आदि से लैस किया गया है। इस वाहन को किसी भी सड़क पर खड़ा करके ओवरस्पीड वाहनों को पकड़ा जा सकता है। वाहन में पीछे की ओर कैमरा व स्पीड गन लगी है, इसे मैनुअल व आटोमेटिक दोनों तरह से उपयोग किया जा सकता है।
दोनों तरह से चालान करने में सबसे पहले वाहन की स्पीड कैप्चर की जाती है और वाहन के नजदीक आने पर उसकी नंबर प्लेट और ड्राइवर का चित्र भी कैप्चर होता है। मोबाइल से कई बार वाहन की स्पीड काफी अधिक होने पर वाहन की नंबर प्लेट व चालक का चित्र साफ नहीं आ पाता था, उन्हीं वाहनों का चालान हो पाता था, जिनकी नंबर प्लेट व चालक का चेहरा स्पष्ट हो।
ऐसे में अब स्पीड गन कार्रवाई करने में काफी सहायक होगी। आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय ने बताया, इंटरसेप्टर से ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा। पहले लखनऊ जोन को दो वाहन मिले थे और हर जिले में 250 चालान किए जाते थे, अब पांच वाहन लखनऊ को मिले हैं। अभी चालान का लक्ष्य तय नहीं किया गया है।
हर तरह की नंबर प्लेट पढ़ लेगी स्पीड गन
आम तौर पर ओवरस्पीड वाले वाहनों का चालान करते समय उनके ड्राइवरों का पता नहीं चल पाता था लेकिन, अब शहर में ऐसे वाहन चालकों को भी पकड़ा जा सकता है। पकड़े जाने पर ड्राइविंग लाइसेंस एक साल के लिए निलंबित करने का नियम है।
साथ ही दो हजार रुपये का चालान भी होगा। राजधानी में शहीद पथ व लोहिया पथ पर 60 किलोमीटर प्रति घंटा, जबकि शहर के अन्य सभी मार्गों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से वाहनों के चलने की अनुमति है। इससे अधिक स्पीड मिलने पर चालान होगा और डीएल निलंबित हो सकता है।
चालान की प्रक्रिया मैनुअल
परिवहन विभाग ने हाईटेक इंटरसेप्टर वाहन मुहैया करा दिया है, लेकिन चालान की प्रक्रिया मैनुअल है यानी एआरटीओ व यात्री कर अधिकारी को क्लिक करने पर ही चालान होगा। जबकि इसे सीधे इंटरनेट के माध्यम से यातायात मुख्यालय से जोड़ने पर ऑटोमेटिक चालान किए जा सकते हैं। संभव है कि यह व्यवस्था आगे प्रभावी हो जाए। |
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