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उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में ‘समता युग’ की शुरुआत, यूजीसी के नए विनियम लागू

LHC0088 2026-1-16 09:58:31 views 466
  



राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों में अब भेदभाव के खिलाफ सख्त और संस्थागत व्यवस्था लागू होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा बुधवार को जारी गजट नोटिफिकेशन के साथ ही यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन के लिए) विनियम, 2026 प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कालेजों पर प्रभावी हो गए हैं।  

नए नियमों के तहत धर्म, जाति, लिंग, जन्म-स्थान और दिव्यांगता के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना अनिवार्य होगा। विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग छात्रों व कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है।

यूजीसी के निर्देश के अनुसार हर विश्वविद्यालय और कालेज में अब समान अवसर केंद्र की स्थापना अनिवार्य होगी। यह केंद्र वंचित वर्गों के छात्रों और कर्मचारियों को शैक्षणिक, वित्तीय और सामाजिक मामलों में मार्गदर्शन देगा। इसके संचालन के लिए एक समता समिति गठित की जाएगी, जिसमें शिक्षक, कर्मचारी, छात्र और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

समिति भेदभाव से जुड़ी शिकायतों की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही हर संस्थान में समता हेल्पलाइन शुरू करना अनिवार्य किया गया है। पीड़ित छात्र या कर्मचारी ऑनलाइन पोर्टल, ई-मेल या हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखने का प्रविधान किया गया है, जबकि गंभीर मामलों में पुलिस को तुरंत सूचना देने की व्यवस्था होगी। कैंपस में निगरानी के लिए समता समूह (इक्विटी स्क्वाड) बनाए जाएंगे, जो छात्रावास, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला और अन्य संवेदनशील स्थानों पर नजर रखेंगे।

हर विभाग या छात्रावास में एक समता दूत (इक्विटी एम्बेसडर) भी नामित किया जाएगा। समता समिति के निर्णय से असंतुष्ट व्यक्ति 30 दिन के भीतर विश्वविद्यालय लोकपाल के पास अपील कर सकेगा। यूजीसी राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी समिति बनाएगा और संस्थानों से वार्षिक अनुपालन रिपोर्ट मांगेगा।

नियमों का पालन न करने पर विश्वविद्यालयों को यूजीसी योजनाओं से वंचित करने, ऑनलाइन-ओडीएल कार्यक्रम बंद करने और मान्यता सूची से हटाने तक की कड़ी कार्रवाई हो सकती है। डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि यूजीसी का गजट नोटिफिकेशन मिल गया है, इसके अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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