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भिवानी के हालुवास गेट स्थित गोशाला में कच्ची मिट्टी में खुले आसमान के नीचे मौजूद गोवंश .जावरण
जागरण टीम, हिसार। हरियाणा में जारी कड़ाके की ठंड अब गोवंश के लिए गंभीर संकट बनती जा रही है। बीते एक सप्ताह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों की गोशालाओं में 345 गोवंश की मौत ठंड के कारण हुई है। कैथल, करनाल और भिवानी से सबसे ज्यादा मौत हुई हैं।
हालांकि कुरुक्षेत्र, जींद झज्जर, पानीपत और चरखी दादरी जैसे जिलों में समय रहते किए गए इंतजामों से स्थिति अपेक्षाकृत नियंत्रण में बनी हुई है। लगातार गिरते तापमान और पाले के कारण गोवंश संरक्षण की तैयारियों पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कैथल जिले में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है।
कैथल में 155 गोवंश की मौत
कैथल की 11 गोशालाओं में पिछले सात दिनों के दौरान 155 गोवंश की मौत हो चुकी है। अन्य 11 गोशालाओं में भी मौतों का आंकड़ा 50 से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। जिले में कुल 22 पंजीकृत गोशालाएं हैं, जिनमें 25 हजार से अधिक गोवंश रखे गए हैं सरकारी ग्रांट मिलने के बावजूद कई गोशालाओं में ठंड से बचाव के इंतजाम जमीन पर प्रभावी नहीं हैं।
करनाल में बढ़ रही मौतों की संख्या
करनाल जिले में सर्दी गोवंश पर लगातार भारी पड़ रही है। यहां 27 पंजीकृत और तीन अपंजीकृत गोशालाओं में करीब 23 हजार गोवंश हैं। सामान्य दिनों में जहां औसतन 10 गोवंश की मौत होती थी, वहीं ठंड बढ़ने के बाद यह संख्या 25 से 30 प्रतिदिन तक पहुंच गई है। गौशाला प्रबंधन के अनुसार कमजोर और बीमार गोवंश ठंड की चपेट में सबसे पहले आ रहे हैं।
भिवानी: खुले शैड में रहने से 190 की जान जा चुकी
भिवानी जिले में बीते एक सप्ताह में 190 गोवंश की मौत दर्ज की गई है। जिले में 44 गोशालाएं. तीन शहरी गोशालाएं और एक नंदीशाला संचालित हैं, जहां करीब 26 हजार गोवंश रखे गए हैं। खुले शैड क्षेत्रों में रखे गोवंश पर ठंड का असर अधिक देखा गया है, जिससे मौतों की संख्या बढ़ी है।
राजस्थानी चरवाहों के 25 पशु भी बने काल का ग्रास
बहादुरगढ़ के सिदीपुर गांव में 25 गायों की मौत हुई है। डिफेस कॉलोनी में ठहरे राजस्थानी चरवाहो की गाये सिदीपुर गांव के श्मशान घाट में पहुंची, जहां कुछ ही देर में वे बीमार पड़ने लगी। मौके पर ही दो गायों की मौत हो गई थी। अब दो दिन में 25 की मौत हो चुकी है।
सिरसा में रोज पांच-छह बेसहारा गोवंश मर रहे
सिरसा जिले में गोशालाओं की स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन बेसहारा गोवंश चिंता का कारण बने हुए हैं। यहां ठंड के कारण प्रतिदिन चार से पांच बेसहारा पशुओं की मौत हो रही है। हादसों में भी मौत हो रही है। |
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