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भारत और पाकिस्‍तान में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की क्‍या है प्रक्रिया, कितना है अंतर?

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भारत और पाकिस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया।



ऑटो डेस्क, नई दिल्‍ली। ड्राइविंग लाइसेंस केवल एक पहचान पत्र नहीं है, बल्कि यह यह इसका प्रमाण होता है कि व्यक्ति के पास सड़क पर गाड़ी चलाने के लिए कानूनन अधिकार है। साथ ही इससे यह भी पता चलता है कि उसे सड़क पर वाहन चलाने के नियम, सुरक्षा मानक और जिम्मेदारियों की समक्ष भी है। हम यहां पर आपको भारत और पाकिस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार में बता रहे हैं। इन दोनों दोनों देशों में ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया देखने में भले ही समान लगे, लेकिन इनके नियम, टेस्ट सिस्टम और ट्रांसपिरेंसी में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आइए विस्तार में भारत और पाकिस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानते है।
भारत में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया

भारत में ड्राइविंग लाइसेंस मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत जारी किया जाता है। लाइसेंस जारी करने की जिम्मेदारी राज्य के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या RTA के पास होती है। बीते कुछ वर्षों में यह प्रक्रिया काफी हद तक डिजिटल हो चुकी है।
चरण 1: लर्नर लाइसेंस (Learner’s License)

भारत में सीधे परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनता है। पहले लर्नर लाइसेंस लेना जरूरी है। यहां पर पैसेंजर और कमर्शियल दोनों कैटेगरी के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की आयु सीमा भी अलग-अलग है।
आयु सीमा

  • बिना गियर दोपहिया: 16 वर्ष
  • कार या गियर वाली बाइक: 18 वर्ष
  • कमर्शियल वाहन: 20–21 वर्ष

आवेदन प्रक्रिया

परिवहन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। फिर आधार कार्ड, एड्रेस प्रूफ और उम्र का प्रमाण देना पड़ता है। इसके बाद ऑनलाइन स्लॉट बुक करके थ्योरी टेस्ट देना पड़ता है।
थ्योरी टेस्ट

भारत में कंप्यूटर आधारित टेस्ट लिया जाता है। इस टेस्ट में ट्रैफिक साइन, रोड सेफ्टी और नियमों से जुड़े सवाल होते हैं। इस टेस्ट में पास पास होने पर 6 महीने के लिए लर्नर लाइसेंस जारी किया जाता है।
चरण 2: परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस

लर्नर लाइसेंस मिलने के 30 दिन बाद और 180 दिन के भीतर परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए ड्राइविंग टेस्ट होता है। RTO ट्रैक पर वाहन चलाकर आवेदनकर्ता को टेस्ट करते हैं। इसमें फिगर-8, रिवर्स पार्किंग, लेन ड्राइविंग जैसे टेस्ट शामिल होते हैं। कई शहरों में ऑटोमेटेड ट्रैक सिस्टम भी है। टेस्ट पास करने के बाद लाइसेंस पोस्ट के जरिए आपके पते पर या डिजिटल प्लेटफॉर्म (DigiLocker) पर जारी कर दिया जाता है।
भारत की खास बातें

ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन सिस्टम है। यहां पर कंप्यूटर आधारित थ्योरी टेस्ट होता है। ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक पर टेस्ट लिया जाता है।
पाकिस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया
चरण 1: लर्नर परमिट

पाकिस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस प्रांतीय स्तर पर जारी किए जाते हैं। हर प्रांत की ट्रैफिक पुलिस इस प्रक्रिया को संभालती है और आइडेंटिटी वेरिफिकेशन में NADRA की भूमिका अहम होती है। यहां पर भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आयु सीमा निर्धारित की गई है।
आयु सीमा

कार और बाइक: न्यूनतम 18 वर्ष
आवेदन प्रक्रिया

पाकिस्तान में नजदीकी ट्रैफिक पुलिस लाइसेंसिंग सेंटर जाना पड़ता है। यहां पर CNIC (राष्ट्रीय पहचान पत्र) प्रमाण के रूप में देना पड़ता है। साथ ही यहां पर मेडिकल सर्टिफिकेट (अक्सर अनिवार्य) की भी जरूरत पड़ती है। वहां पर फीस जमा कर लर्नर परमिट हासिल हो जाता है। लर्नर परमिट आमतौर पर 42 दिनों के लिए मान्य होता है।
चरण 2: परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस
थ्योरी टेस्ट

पाकिस्तान में कई जगहों पर लिखित या मौखिक टेस्ट होता है। इस टेस्ट में ट्रैफिक साइन और बेसिक नियम शामिल होते हैं। वहां पर प्रैक्टिकल टेस्ट में सीधी ड्राइविंग, रिवर्स ड्राइविंग, यू-टर्न या बेसिक पार्किंग आवेदनकर्ता से करवाकर उसका टेस्ट लिया जाता है। इसके बाद लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। कुछ प्रांतों में डिजिटल रिकॉर्ड भी जारी किया जाता है।
पाकिस्तान की खास बातें

प्रक्रिया प्रांत के अनुसार बदलती है। अभी भी ऑफलाइन सिस्टम हावी है। स्मार्ट कार्ड सिस्टम धीरे-धीरे लागू हो रहा है। टेस्ट भारते के मुकाबले काफी आसान है।
भारत और पाकिस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सवाल–जवाब

FAQ 1: भारत में ड्राइविंग लाइसेंस कौन जारी करता है?

भारत में ड्राइविंग लाइसेंस राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) द्वारा जारी किया जाता है। पूरी प्रक्रिया मोटर वाहन अधिनियम के तहत होती है और अब यह काफी हद तक ऑनलाइन हो चुकी है।

FAQ 2: क्या भारत में लर्नर लाइसेंस लेना अनिवार्य है?

हां। भारत में पहले लर्नर लाइसेंस लेना जरूरी है। इसके बिना परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनता। लर्नर लाइसेंस मिलने के कम से कम 30 दिन बाद ही ड्राइविंग टेस्ट दिया जा सकता है।

FAQ 3: पाकिस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस कौन जारी करता है?

पाकिस्तान में ड्राइविंग लाइसेंस प्रांतीय ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किया जाता है। पहचान सत्यापन और स्मार्ट कार्ड लाइसेंस के लिए NADRA की भूमिका अहम होती है।

FAQ 4: भारत और पाकिस्तान में ड्राइविंग टेस्ट में क्या अंतर है?

भारत में ड्राइविंग टेस्ट ज्यादा सख्त और स्ट्रक्चर्ड होता है, जिसमें कंप्यूटर आधारित थ्योरी टेस्ट और ट्रैक पर प्रैक्टिकल टेस्ट शामिल है। पाकिस्तान में टेस्ट अपेक्षाकृत आसान होता है और कई जगह यह मैनुअल या मौखिक तरीके से लिया जाता है।

FAQ 5: किस देश में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना ज्यादा मुश्किल है?

कुल मिलाकर भारत में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना ज्यादा मुश्किल माना जाता है, क्योंकि यहां नियम सख्त हैं और टेस्ट में फेल होने की संभावना ज्यादा रहती है। पाकिस्तान में प्रक्रिया आसान है, लेकिन नियम प्रांत के हिसाब से बदलते रहते हैं।
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