सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। शहर में आटो और ई-रिक्शा का रूट तय होने के बाद पुलिस-परिवहन विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान कागजात के बिना आटो और ई-रिक्शा का परिचालन करने पर जुर्माना किया जा रहा है। जुर्माने का डर चालकों पर दिखने लगा है।
रूट तय होने से पूर्व जहां ई-रिक्शा ड्राइविंग लाइसेंस के लिए महज पांच आवेदन थे। जुर्माना शुरू होने के बाद एक माह में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए करीब 450 ने आवेदन दिए गए। यह संख्या फिलहाल र्लनिंग ड्राइविंग लाइसेंस का है। परेशानी से बचने के लिए काफी संख्या में चालक दलाल के झांसे में आ रहे हैं।
बताया जाता है कि दलाल पांच से सात हजार रुपये की उगाही कर रहे हैं। पक्की सराय के मनोज कुमार ने कहा कि वो ई-रिक्शा चला कर परिवार चला रहा है। एक दलाल ने लाइसेंस के लिए छह हजार रुपये लिये।
विशुनपुर गिद्धा के मो. परवेज ने कहा कि माधोपुर चौक के एक कम्प्यूटर दुकानदार ने लाइसेंस के लिए सात हजार रुपये लिये। शहर से लेकर गांव तक में ऐसे दलाल सक्रिय है। माधोपुर-सुस्ता नगर पंचायत के माधोपुर चौक पर कई कम्प्यूटर दुकानदार छह से सात हजार में लाइसेंस का ठेका ले रहे हैं। ऐसे दलाल परिवहन कार्यालय के कुछ कर्मियों को मिला कर ऐसा कर रहे हैं।
डीटीओ कुमार सतेंद्र यादव ने कहा कि सरकार की ओर से हर काम के लिए दिन तय किए गए हैं। अवधि में वाहन संबंधी काम किए जा रहे हैं। लाइसेंस समेत किसी भी काम के लिए दलालों के झांसे में आने से बचने की जरूरत है।
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