मृत पायलट के भतीजे को तलब करने पर एएआइबी को कानूनी नोटिस (फाइल फोटो)
पीटीआई, नई दिल्ली। पायलटों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट (एफआइपी) ने अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे की जांच के सिलसिले में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआइबी) को कानूनी नोटिस भेजा है। विवाद का कारण दुर्घटना में मारे गए पायलट सुमीत सभ्भरवाल के भतीजे और नैरो-बाडी विमान के पायलट कैप्टन वरुण आनंद को पूछताछ के लिए तलब किया जाना है।
सभ्भरवाल बोइंग 787-8 विमान (उड़ान एआइ-171) के दो पायलटों में शामिल थे, जो 12 जून 2025 को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद अहमदाबाद में एक मेडिकल हास्टल परिसर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। लंदन गैटविक जा रहे इस विमान हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी।
एफआइपी ने 11 जनवरी को भेजे नोटिस में कहा कि कैप्टन वरुण आनंद न तो इस मामले के तथ्यात्मक गवाह हैं, न तकनीकी और न ही विशेषज्ञ। संगठन का आरोप है कि उन्हें बुलाने का एकमात्र आधार मृत पायलट से उनका पारिवारिक रिश्ता है, जो कानूनी ²ष्टि से पूरी तरह अनुचित और मनमाना है।
नोटिस में यह भी कहा गया कि समन में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस कानूनी प्रविधान के तहत और किस उद्देश्य से आनंद की मौजूदगी आवश्यक मानी गई है।
एफआइपी के अनुसार, आनंद का संबंधित विमान, उड़ान योजना, डिस्पैच, संचालन, रखरखाव, एयरवर्थनेस क्लीयरेंस या क्रू चयन से कोई लेना-देना नहीं था। वे दुर्घटना स्थल पर भी मौजूद नहीं थे और उनके पास घटना से जुड़ी कोई तथ्यात्मक या परिचालन जानकारी नहीं है।
संगठन ने आशंका जताई कि रिश्तेदारों को तलब करना जांच की वास्तविक जरूरत के बजाय अनुचित दबाव बनाने जैसा कदम है।उधर, एएआइबी ने गुरुवार को जारी बयान में अपने कदम का बचाव किया।
ब्यूरो ने कहा कि एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2025 के तहत जांच अधिकारी को किसी भी ऐसे व्यक्ति को बुलाने और पूछताछ करने का अधिकार है, जिससे प्रासंगिक जानकारी मिलने की संभावना हो। नियमों के मुताबिक जांचकर्ता गवाह से दस्तावेज, सूचना या बयान प्रस्तुत करने की मांग कर सकता है। |