कार्रवाई करते अधिकारी
जागरण संवाददाता, बदायूं। गुरुवार को पुलिस प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कादरचौक के आरोग्यम अस्पताल पर छापा मारा। अस्पताल के रजिस्ट्रेशन से लेकर डाक्टर, स्टाफ और मेडिकल स्टोर की जांच की। इस दौरान पता चला कि अस्पताल एमबीबीएस डाक्टर के नाम पर रजिस्टर्ड है लेकिन यहां बीएमएस डाक्टर अस्पताल चला रहे हैं, जिससे अस्पताल की ओटी सील करा दी गई और मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट न मिलने से उसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई।
यह कार्रवाई डीएम अवनीश कुमार राय के आदेश पर हुई। बताया जा रहा है कि थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने उन्हें सूचना दी कि कादरचौक में आरोग्यम अस्पताल चल रहा है लेकिन उसका पंजीकरण दूसरे डाक्टर के नाम पर है परंतु यहां बीएमएस डाक्टर बैठ रहे हैं। यहां अस्पताल में ओटी भी है और लगातार आपरेशन भी हो रहे हैं।
यह देखते हुए तत्काल डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की और उस टीम में एसडीएम सदर मोहित कुमार, सीओ उझानी डा. देवेंद्र कुमार और डिप्टी सीएमओ डा. राजवीर गंगवार को तत्काल मौके पर भेजा। इधर अस्पताल पहुंचे अधिकारियों ने मामले की छानबीन की। वहां कोई मरीज तो नहीं पाया गया और न ही ओटी में कोई आपरेशन हो रहा था लेकिन मेडिकल स्टोर खुला हुआ था।
उस पर फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था, जिससे एसडीएम मोहित कुमार ने तत्काल ड्रग इंस्पेक्टर लवकुश प्रसाद को भी वहां बुला लिया। उन्होंने मामले की छानबीन की तो बताया कि फार्मासिस्ट दिल्ली गया हुआ है। उसके आने तक मेडिकल स्टोर पर दवा की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
इधर छानबीन से पता चला कि पहले अस्पताल में सर्जन, एनेस्थीसिया और महिला रोग विशेषज्ञ के डाक्टर भी बैठते थे लेकिन गंभीर मरीज नहीं आए तो यहां की ओटी भी बंद करा दी गई थी लेकिन अस्पताल एमबीबीएस डा. हृदेश कुमार के नाम पर है लेकिन इसे बीएमएस डा. बृजभान सिंह चला रहे हैं।
अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है और मेडिकल स्टोर का भी रजिस्ट्रेशन मौजूद पाया गया, जिससे अस्पताल पर दूसरी कार्रवाई नहीं की गई। केवल यहां की ओटी सील करा दी गई है और मेडिकल स्टोर का की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है। उसमें आपरेशन नहीं हो रहे थे। इससे ओटी बंद कर दी गई थी और डाक्टरों के नाम भी हटा दिए गए थे। केवल इस समय ओपीडी चल रही है। इससे ओटी सील करा दी गई है।
- डा. राजवीर गंगवार, डिप्टी सीएमओ
अस्पताल में मेडिकल स्टोर का रजिस्ट्रेशन है लेकिन फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था। पूछने पर बताया कि वह दिल्ली गया हुआ है। अब इतनी जल्दी नहीं आ सकता था। इससे दवा पर बिक्री पर रोक लगा दी गई है। उसके आने पर मामला साफ होगा, तभी बिक्री से रोक हटाई जा सकती है।
- लवकुश प्रसाद, ड्रग इंस्पेक्टर
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