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खेत में मिला किसान का शव, माथे पर पंजे के निशान; तेंदुआ या कुछ और? अमरोहा में मचा हड़कंप!

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घटनास्‍थल पर मौजूद ग्रामीण



जागरण संवाददाता, अमरोहा। गुरुवार सुबह खेतों पर गया किसान दोपहर तक वापस नहीं लौटा तो स्वजन ने तलाश शुरू कर दी। उनका शव खेत में पड़ा मिला। माथे पर तीन स्थान पर जख्म था। मौके पर पहुंची पुलिस व स्वजन किसान की मौत तेंदुआ के हमले के दौरान हार्ट अटैक से होना मान रही है। जबकि वन विभाग इसे सिरे से नकार रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक टीम ने भी घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

यह घटना नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव अलीपुर कलां की है। यहां पर सगे भाई कैलाश व कौशल रहते हैं। दोनों विवाहित हैं। बड़े भाई कैलाश की शादी गजरौला के मुहल्ला बस्ती निवासी योगमाया से हुई थी। परिवार में एक बेटी सुहानी भी है। दोनों भाइयों के पास लगभग 50 बीघा जमीन है तथा गांव में संपन्न किसानों में गिनती होती है।

लगभग पंद्रह साल पहले पत्नी योगमाया विवाद के चलते बेटी को लेकर मायके चली गई थी। फिलहाल वहीं रह रही है। अब गुरुवार सुबह कैलाश प्रतिदिन की तरह खेतों पर गए थे। परंतु दोपहर तक वापस नहीं लौटे। लिहाजा छोटे भाई कौशल ने परिवार के अन्य लोगों को बताया तथा जंगल में जाकर तलाश शुरू कर दी। लगभग तीन बजे उन्होंने कैलाश का शव खेत में पड़ा देखा।

उनके माथे पर चोट का निशान बना था। सूचना पाकर सीओ अवधभान सिंह भदौरिया व थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची।शव को देखा तो कैलाश के माथे पर तेंदुआ के पंजा जैसे तीन निशान बने थे। बीच का निशान बड़ा तथा दो साइड के निशान छोटे हैं। स्वजन व ग्रामीणों का कहना है कि यह तेंदुआ का हमला है। पुलिस भी इसे तेंदुआ का हमला ही मान रही है।

घटना स्थल पर किसी जंगली जानवर के पंजों के निशान भी मिले हैं। साथ ही तर्क है कि तेंदुआ के हमले के दौरान संभवत हार्ट अटैक आने से मौत हुई है। लिहाजा पुलिस ने वन विभाग की टीम को बुला लिया। जख्म देखने के बाद वन विभाग ने इसे तेंदुआ के हमले का निशान होने से इन्कार कर दिया है। लिहाजा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना से गांव में दहशत का माहौल है।

  

  


मृतक के माथे पर तेंदुआ के पंजे के तीन निशान मिले हैं। संभवत हमले के दौरान कैलाश को हार्टअटैक आया होगा। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

- अवधभान भदौरिया, सीओ नौगावां सादात


  

  


यह तेंदुआ के हमले के निशान नहीं है। अमूमन तेंदुआ गर्दन पर हमला करता है। जबकि गर्दन पर कोई निशान भी नहीं है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

- नरेश जोशी, डीएफओ वन विभाग





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