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सांकेतिक तस्वीर।
संवाद सूत्र, परतावल। किडनी में पथरी के ऑपरेशन के दौरान बिना मरीज की जानकारी और सहमति के दाहिनी किडनी निकाल दिए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। करीब तीन वर्ष बाद जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। पीड़ित ने बड़हलगंज के निजी अस्पताल के चिकित्सक पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए सीएमओ से शिकायत की है और मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में बड़हलगंज थाने में तहरीर भी दी है। जबकि पुलिस का कहना है कि उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है।
परतावल के ग्राम पंचायत अहिरौली निवासी हफीजुर्रहमान ने बताया कि उसकी दाहिनी किडनी में 18 एमएम की पथरी थी। उपचार और ऑपरेशन के लिए 21 अक्क्टूबर 2022 को वह बड़हलगंज स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती हुए।
पथरी के ऑपरेशन के बाद 27 अक्टूबर 2022 को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। आपरेशन के करीब दो माह बाद वह रोजगार के सिलसिले में विदेश चले गए। वहां उनकी तबीयत लगातार खराब रहती थी। वह उपचार कराते रहे।
तबीयत अधिक बिगड़ने पर छह सितंबर 2025 को वह भारत लौटे। डॉक्टर की सलाह पर गोरखपुर के एक डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच कराई गई तो रिपोर्ट में दाहिनी किडनी मौजूद न होने की बात सामने आई। एमआरआई जांच में भी यही बात सामने आई। इस मामले को लेकर पीड़ित ने बीते 10 जनवरी को बड़हलगंज थाने में तहरीर दी।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। लिखित शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। वहीं बड़हलगंज थाना प्रभारी सुनील कुमार राय ने बताया कि डॉक्टर के विरुद्ध और किडनी निकाले जाने के संबंध में किसी ने तहरीर नहीं दी है।
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