search

राई के दाने से भी छोटा ट्यूमर निकाल मरीज को 13 साल पुराने दर्द से दी राहत, एम्स भोपाल के चिकित्सकों का कमाल

cy520520 1 hour(s) ago views 349
  

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भोपाल (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, भोपाल। कहते हैं सही पहचान और सटीक इलाज से वर्षों पुरानी बीमारी भी खत्म हो सकती है। एम्स भोपाल में सामने आया ऐसा ही एक चमत्कारी मामला चिकित्सा विज्ञान की बारीकियों और डॉक्टरों की विशेषज्ञता का उदाहरण बन गया है। यहां डॉक्टरों ने मात्र एक मिलीमीटर, यानी राई के दाने से भी छोटे ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर 59 वर्षीय मरीज को 13 साल से चले आ रहे असहनीय दर्द से राहत दिलाई।

दर्द इतना तीव्र था कि मरीज निराश होकर डॉक्टरों से अपनी अंगुली काट देने की गुहार तक लगाने लगा था। लेकिन एम्स के विशेषज्ञों ने सूक्ष्म सर्जरी कर न सिर्फ उसकी अंगुली बचाई, बल्कि दर्द की जड़ को भी पूरी तरह खत्म कर दिया।
कई अस्पताल, कई सर्जरी… फिर भी नहीं मिला आराम

मरीज पिछले एक दशक से अधिक समय से अंगुली के सिरे में तेज और असह्य पीड़ा झेल रहा था। इस दौरान उसने देश के कई बड़े अस्पतालों में इलाज कराया। नर्व टेस्ट, इमेजिंग जांच, दर्द निवारक दवाएं और यहां तक कि पूर्व में की गई सर्जरी भी उसकी परेशानी दूर नहीं कर सकीं। बीमारी का असली कारण सामने न आने से वह मानसिक रूप से टूट चुका था।
अंगुली के पल्प में छिपा था दुर्लभ ट्यूमर

एम्स भोपाल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. गौरव चतुर्वेदी ने विस्तृत क्लिनिकल जांच के दौरान ग्लोमस ट्यूमर की आशंका जताई। विभागाध्यक्ष प्रो. मनाल मोहम्मद खान ने बताया कि आमतौर पर यह ट्यूमर नाखून के नीचे पाया जाता है, लेकिन इस मरीज के मामले में यह अंगुली के पल्प यानी ऊपरी मांसल हिस्से में छिपा था, जो बेहद दुर्लभ स्थिति है। यही वजह थी कि यह ट्यूमर वर्षों तक जांच में पकड़ में नहीं आ सका।

यह भी पढ़ें- MP में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को बड़ी राहत : 30 लाख का बोनमैरो ट्रांसप्लांट अब पूरी तरह मुफ्त, NHM-मेदांता के मध्य करार
सूक्ष्म सर्जरी से मिली तुरंत राहत

डॉक्टरों की टीम ने अत्यंत बारीकी से माइक्रो सर्जरी की योजना बनाई। ऑपरेशन के दौरान अंगुली के भीतर से महज एक मिलीमीटर का ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। सर्जरी के बाद मरीज को दर्द से राहत मिल गई। अब उसकी अंगुली की कार्यक्षमता पूरी तरह सामान्य है और उसे अंगुली गंवाने जैसी आशंका से भी मुक्ति मिल गई।

एम्स भोपाल की यह सफलता जटिल और दुर्लभ मामलों में भी सटीक निदान और विशेषज्ञ उपचार की अहमियत को रेखांकित करती है।


यह केस सटीक क्लिनिकल डायग्नोसिस की अहमियत को दर्शाता है। 13 साल का पुराना दर्द सिर्फ एक मिलीमीटर के ट्यूमर को निकालने से समाप्त हो गया। एम्स भोपाल निरंतर ऐसे जटिल और दुर्लभ मामलों में आम जनता को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।
- प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर, कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
148356

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com