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सोनपुर रेल मंडल का बड़ा फैसला, रामदयालु समेत 12 स्टेशनों पर लगेंगी वाटर वेंडिंग मशीनें

Chikheang 2026-1-15 19:57:07 views 700
  

Railway passenger facilities: नई व्यवस्था से यात्रियों को कम कीमत पर शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। फाइल फोटो   



जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Indian Railways news: गर्मी के मौसम से पहले यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में सोनपुर रेल मंडल ने अहम फैसला लिया है। मंडल के रामदयालु नगर समेत 12 रेलवे स्टेशनों पर वाटर वेंडिंग मशीन लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

इससे यात्रियों को कम कीमत पर शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा, वहीं रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। वाटर वेंडिंग मशीनें जिन स्टेशनों पर लगेंगी, उनमें रामदयालु नगर, भगवानपुर, साराय, विद्यापतिधाम, बछवाड़ा, दलसिंहसराय, दिघवारा, भरपुरा, पहलेजा घाट, शाहपुर पटोरी और थाना बिहपुर शामिल हैं।

इन मशीनों से खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।सोनपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम रौशन कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा मंडल की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वाटर वेंडिंग मशीनों के माध्यम से न केवल पेयजल समस्या का समाधान होगा, बल्कि इससे सालाना 20 से 24 लाख रुपये तक अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है। भविष्य में भी यात्री-हितैषी योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
मेगा ब्लॉक में प्रभावित हुई ट्रेनें

इधर, रेलखंड को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सोनपुर रेल मंडल लगातार काम कर रहा है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर–रामदयालु रेलखंड पर आइबीएच (इंटरमीडिएट ब्लॉक होम) सिग्नलिंग सिस्टम को जोड़ने के लिए तीन घंटे का मेगा ब्लॉक लिया गया, जिसके कारण कई ट्रेनें देरी से चलीं।

मझौलिया रेल समपार फाटक के पास बनाए गए नए रिले रूम में आइबीएच सिस्टम की नॉन-इंटरलॉकिंग प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान मुजफ्फरपुर आरआरआई पैनल से रामदयालु नगर स्टेशन तक मैनुअल तरीके से ट्रेनों का संचालन किया गया।

समस्तीपुर मंडल की ओर से एरिया ऑफिसर रविशंकर महतो के नेतृत्व में टीम मौजूद रही, जबकि सोनपुर मंडल की तरफ से सीनियर डीएसटीई, डीएसई और यातायात निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी निगरानी करते रहे।

मेगा ब्लॉक के कारण मौर्य एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। डाउन मौर्य एक्सप्रेस गोरखपुर से समय पर चली थी, लेकिन रास्ते में गोरौल स्टेशन पर डेढ़ घंटे तक रोके जाने के कारण यह करीब दो घंटे की देरी से मुजफ्फरपुर पहुंची। अन्य ट्रेनों को भी सावधानीपूर्वक और सीमित गति से गुजारा गया।
ट्रेनों की आवाजाही होगी तेज

रेल अधिकारियों के अनुसार, आइबीएच सिस्टम के चालू होने से अब एक ट्रेन के पीछे दूसरी ट्रेन को चलाना संभव हो सकेगा। पहले रामदयालु से ट्रेन खुलने के बाद दूसरी ट्रेन को तब तक रोका जाता था, जब तक पहली ट्रेन मुजफ्फरपुर जंक्शन नहीं पहुंच जाती थी। नई व्यवस्था से इस बाधा को दूर किया जा सकेगा।

हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि मुजफ्फरपुर जंक्शन पर प्लेटफार्म की संख्या सीमित होने के कारण भविष्य में और विस्तार की जरूरत पड़ेगी। यदि प्लेटफार्म बढ़ाए जाएं, तो एक साथ कई ट्रेनों का परिचालन और अधिक सुगम हो सकेगा।
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